मुख्य समाचार
अपने बजट का पांच फीसद हिस्सा पशुओं के कल्याण में लगाएं राज्य: गिरीश रतन टाटा को हाईकोर्ट से मानहानि मामले में राहत, जानें पूरा मामला मॉब लिंचिंग पर फिर बोले नसीरुद्दीन शाह, परिजनों से मिलकर कहा- साहस को... ट्रामा में फैला खतरनाक फंगस, कारगर दवा नहीं, अलर्ट जारी समलैंगिक विवाह के लिए कोर्ट पहुंचीं दो युवतियां, मजिस्ट्रेट ने नहीं लिया आवेदन, जानें वजह 10वीं पास के लिए दो हजार से अधिक पदों पर भर्तियां, ऐसे कर सकते हैं आवेदन दिव्यांग किशोरी से रेप करते धरा गया वृद्ध और फिर जो हुआ... भारत की गोल्डन गर्ल हिमा दास, जानिये खास बातें सरकार का सख्त आदेश, एयर इंडिया नहीं करे नियुक्ति और पदोन्नति फिर विवादों में घिरीं सोनाक्षी, धोखाधड़ी मामले के बाद सेक्सोलॉजिस्ट ने भेजा नोटिस अटल के आचरण से प्रेरित होकर एक आदर्श कार्यकर्ता का होता है निर्माण : स्वतंत्र देव अनिवार्य होगा टेस्ट, नशे में मिलने पर होगा निलंबन  लाइव शो में कॉमेडियन की मौत, लोग समझते रहे परफॉर्मेंस बजाते रहे तालियां... मेयर, पार्षद और नगर पंचायत अध्यक्ष भी लगाएंगे पौधे  यूपी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के हर सम्भव किये जाये प्रयास : उपमुख्यमंत्री मायावती ने चला ये बड़ा दांव, नहीं गिरेगी कर्नाटक की सरकार!
 

बदहाल सरकारी शिक्षा का हाल


LEKHRAM MAURYA 23/10/2018 19:23:08
195 Views

143 छात्रों पर नौ अध्यापक, दोनो की उपस्थिति 60 और 40 प्रतिशत


माल। प्रदेश की राजधानी के विकास खण्ड माल मे एक ऐसा सरकारी प्राथमिक विद्यालय है जहाॅ पिछले पाॅच साल मे अध्यापकों की संख्या कभी नौ से कम नही हुई। जबकि छात्रों की संख्या घटकर आधी रह गयी है। इसके साथ ही इस विद्यालय मे कभी पाॅच से अधिक अध्यापक उपस्थित नहीं रहते हैं। प्रधानाध्यापिका का हाल तो यह है कि महीने मे एक सप्ताह से अधिक कभी विद्यालय मे नही पहुॅचती। और आज तक किसी भी अधिकारी ने यहाॅ के किसी अध्यापक का एक दिन का वेतन तक नहीं काटा। इससे अधिक अधिकारियों की लापरवाह और पहुॅच वाले अध्यापकों पर क्या मेहबानी हो सकती है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने इसके लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया है। विशेष सचिव शिक्षा डी.पी. सिंह ने तो यहाॅ तक कह दिया कि जब शासन की स्थानान्तरण नीति को ही न्यायालय ने स्थगित कर रखा है तो हम किसी भी अध्यापक को हटा नहीं सकते। 

Desecrated recent public education

89 छात्रों को एक साथ बैठाकर पहाड़ा पढ़ा रहे उपस्थित 4 अध्यापक

विकास खण्ड माल की ग्राम पंचायत जमोलिया के प्राथमिक विद्यालय मे पिछले 5 साल से कभी भी अध्यापकों की संख्या 9 से कम नहीं हुई। 5 साल पहले इस विद्यालय मे छात्रों की संख्या 250 के आसपास थी। जो अब घटकर 143 रह गयी है। परन्तु आज तक अध्यापकों की संख्या कम करने पर किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। यहाॅ किसी भी दिन 5 से अधिक अध्यापक उपस्थित नही रहते हैं। प्रधानाध्यापिका तो अपनी मर्जी की मालिक हैं। वह तो सप्ताह मे एक या दो बार अपनी उपस्थिति दर्ज करने आ जाती हैं। जिस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका का यह हाल हो वहाॅ के अध्यापक कितने सही होंगे। यह सहज ही अन्दाजा लगाया जा सकता है।  सोमवार को इस विद्यालय मे 3 शिक्षा मित्र एक अध्यापक उपस्थित था। और चारों कक्षा एक से पाॅच तक के कुल 89 बच्चों को एक जगह गोले मे बैठाकर बच्चों से पहाड़ा पढ़वा रहे थे। और चारों इधर-उधर मस्ती कर रहे थे।  

Desecrated recent public education

शिक्षा की दुर्दशा के लिए न्यायालय और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहरा रहा शासन और प्रशासन
 

पूर्व माध्यमिक विद्यालय अंटाखेड़ा मे एक अध्यापक उपस्थित था दो नदारद थे। यहाॅ बोर्ड पर हिन्दी मे लिखा हुआ छात्र सही से नकल भी नही कर पा रहे थे। फिर भी उपस्थित अध्यापक उनको देखने की जहमत नही कर रहे थे। और जब इस संवाददाता ने छात्रों को कापियों मे गलत लिखते देखा तो अध्यापक ने कहा कि इसके लिए अभिभावक जिम्मेदार हैं। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुड़ियारा मे फिदा हुसैन बच्चों को बांस की छड़ी लेकर पढ़ा रहे थे। दूसरे अध्यापक गायब थे। और 73 मे से 18 छात्र ही उपस्थित थे। उन्होने कहा कि यहाॅ के तमाम छात्र निजी विद्यालयों मे पढ़ने जाते हैं। फिर भी उन्होने नाम नही काटा। प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशा के लिए विशेष सचिव देव प्रताप सिंह व जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अमर कान्त सिंह ने न्यायालय और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। जबकि उनके पास लापरवाह और गैर हाजिर रहने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। फिर भी वे दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

Web Title: Desecrated recent public education ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया