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कृषि कुम्भ में खुद को ठगा महसूस कर रहे किसान, बयां किया अपना दर्द


LEKHRAM MAURYA 29/10/2018 11:57:44
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Lucknow. कृषि यंत्रों पर 80 फीसदी की छूट की घोषणा तो कृषि मंत्री ने कर दी, परन्तु कब और कैसे मिलेगा लाभ? इसकी जानकारी के लिए बहराइच का एक किसान दो दिन तक कृषि कुम्भ में बने कैम्पों में भटकता रहा, परन्तु उसे इसकी जानकारी देने के लिए कोई भी अधिकारी ढूढ़े नहीं मिला। थक हार कर किसान निराश होकर बहराइच लौट गया। 

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बहराइच जिले की कैसरगंज तहसील के किसान मो. सईद खां 27 अक्टूबर को कृषि कुम्भ में आए थे, उन्हें तीन कृषि यंत्र खरीदने पर किसानों को 80 फीसदी की छूट दिये जाने की सरकार की घोषणा पर अत्यन्त खुशी हुई और उन्होंने पहले से कुछ यंत्र खरीदने के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन करा रखा था, जिसमें पता नहीं किस यंत्र के लिए कब नम्बर आएगा। इसलिए उन्होने सोचा कि वह यहाँ से जानकारी कर एक साथ तीनों यंत्र खरीद लेंगे। ऐसी स्थिति में उन्हे यंत्र भी समय से मिल जाएंगे और 30 फीसदी का लाभ भी मिल जाएगा। इसके लिए मो. सईद दो दिन तक मेले में एक से दूसरे कैम्प और स्टाल तक व्यवस्थापकों की टरकाऊ नीति के चलते भटकते रहे, परन्तु किसी भी अधिकारी कर्मचारी ने उन्हें अन्त तक सही जानकारी नहीं दी। जिसके चलते वह निराश होकर घर लौट गये।

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  पम्पसेट पर छूट न होने से किसानों में नाराजगी

कृषि यंत्रों पर छूट देने की बात करने वाली सरकार पर किसानों ने ही सवालिया निशान लगा दिया है। किसानों का कहना है कि छोटे किसानों द्वारा सिंचाई के लिए पम्पसेट का उपयोग किये जाने की जानकारी होने के बावजूद सरकार पम्पसेट पर कोई छूट नहीं दे रही है। इसके अलावा सरकार पम्पसेट में प्रयोग होने वाला डीजल भी मंहगा करती चली जा रही है। बदायूॅ के किसान प्रेमराज, कश्मीर सिंह ने कहा कि सरकार बड़े किसानों द्वारा खरीदे जाने वाले कृषि यंत्रों जैसे ट्रैक्टर और उससे जुड़े सामानों पर अधिक छूट देती है। छोटे किसानों को पहले तो छूट का लाभ आसानी से नहीं मिलता है और अगर किसान आनलाइन कोई भी सामान बुक भी कर दे तो वह कब मिलेगा, उसकी सब्सिडी कब मिलेगी, यह अधिकारियों की मेहरबानी पर निर्भर है। यहीं के किसान शेरसिंह ने कहा कि बेइमानों का कर्ज माफ हो गया। इमानदार अभी भी भटक रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। किसान वेद प्रकाश सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी काम बिना रिश्वत दिये नहीं हो सकता। आप अगर अधिकारियों को रिश्वत नहीं देंगे तो वह आपको दौड़ाते रहेगें और आपको सरकार की किसी योजना का लाभ समय पर नहीं मिलेगा।

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  जैविक उत्पादों की पहचान न होने से किसानों को उत्पाद का उचित लाभ नहीं

किसानों को हर मंच पर जैविक खेती करने की सलाह दी जा रही है, परन्तु जो किसान जैविक खेती करके फसले उगा रहे हैं उनके उत्पादों की बिक्री के लिए अलग से कोई व्यवस्था न होने से उनको कोई लाभ नहीं मिल रहा है। यह आरोप अलीगढ़ के सनवीर, प्रेमपाल सिंह व हीरासिंह ने सरकार पर लगाया है। उन्होने कहा कि जो अधिकारी उनको इस कुम्भ में लेकर आए हैं। वह कह रहे थे कि वहाँ तुम्हारे जैविक उत्पादों को मशीन से जांच कराकर उसको कहाँ बेचने से अधिक लाभ मिलेगा, यह भी मेले में बताया जाएगा। परन्तु यहाँ आने के बाद उनको कोई पूॅछने वाला नहीं है। वह जो गेहूं और प्याज लेकर आए थे, वो बैरंग वापस लिए जा रहे हैं। उन लोगों ने कहा कि जैविक तरीके को अपनाने से मेहनत अधिक लगती है और उत्पादन भी कम होता है, परन्तु सही बाजार न होने से घाटा होता है।   

Web Title: Krishi kumbh news in hindi ( Hindi News From Newstimes)


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