राज्यपाल ने राजबब्बर के पत्र का जबाव देकर दी संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की सलाह 


GAURAV SHUKLA 05/11/2018 13:17:27
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Lucknow. राज्यपाल राम नाईक ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर राजबब्बर द्वारा लिखे गये पत्र की भाषा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। इसी के साथ उन्होंने संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की सलाह दी  है। दरअसल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने गत 2 नवंबर को प्रदेश की मौजूदा कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल से चुप्पी तोड़ हस्तक्षेप करने की मांग की थी। 

rajyapal ne diya rajbabbar ke patra ka jawab
पत्र का जवाब देते हुए राज्यपाल ने लिखा है कि कानून व्यवस्था के बारे में आपने जो लिखा वह मैनें तीन बार पढ़ा। इस विषय पर मेरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आवश्यकतानुसार बता होती रहती है। सरकार संवेदनशील है और जागरुकता से काम कर रही है। आप ने (राजबब्बर) ने जो मुद्दे उठाएं उस पर सीएम योगी आदित्यनाथ को जानकारी हो और उस संबंध में कदम उठाए जाए उसके लिए इस पत्र की प्रति के साथ आपके पत्र की प्रति सीएम को प्रेषित की जा रही है। 
यहां हुई आपत्नि 
पत्र में लिखा गया कि कानून व्यवस्था के बारे में मंतव्य करने के बाद आपने मेरे(राज्यपाल राम नाईक) के बारे में लिखा कि, "ऐसे  में सारी निगाहें आपकी तरफ हैं। मैं लगातार यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आपको आखिरकार किसने शिथिल कर रखा है। विपक्ष के लिए यह चिंता की बात है कि महामहीम राज्यपाल की आखिर कैसी मजबूरी है कि वो चुप हैं। राजभवन जीवंत और स्पंदनशील संस्थान है। जिसकी सक्रियता को यूपी की जनता ने महसूस किया है। लेकिन आजकल राजभवन की वाणी पर विराम को भी महसूस किया जा रहा है।" 

rajyapal ne diya rajbabbar ke patra ka jawab
आगे पत्र में लिखा गया कि संवैधानिक पदों का सम्मान लोकतंत्र की पहचान होती है। आप की सर्वथा उचित नहीं है। इसका मुझे खेद है। यह बात बिल्कुल सही नहीं है कि मेरी कोई मजबूर हैं, मैं चुप हूं या किसी ने राजभवन की वाणी पर विराम लगाया है। 

Web Title: rajyapal ne diya rajbabbar ke patra ka jawab ( Hindi News From Newstimes)


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