नोटबंदी के 2 साल पूरे, क्या कुछ बदला ? 


ABHIMANYU VERMA 08/11/2018 14:45:12
78 Views

New Delhi. आज से ठीक 2 साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया था। देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ऐसा ऐलान किया जो आजाद भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। अर्थव्यवस्था के लिहाज से बड़ा फैसला लेते हुए पीएम ने देश में 500 व 1000 के नोट को अवैध घोषित कर दिया। जिनके पास बड़ी संख्या में पुराने नोट थे, कुछ पल के लिए तो वे लोग सोचने समझने की छमता से विहीन हो गए।

Second anniversary of the  demonetization

हालांकि सरकार ने आम नागरिकों को राहत देते हुए कुछ समय तक पुराने नोट बदलने की अनुमति दी। बड़ी संख्या में नोट नदियों व नालों में बहाये गए, जलाये गए और ना जाने क्या-क्या किया गया। आज उसी ऐतिहासिक आर्थिक ऐलान को हुए 2 साल पूरे हो गए हैं। 

  नोटबंदी लागू होते ही देश में मच गयी थी अफरा-तफरी 

हर बार की भांति सरकार द्वारा लिया गया निर्णय था सो सरकार ने इसकी तारीफ़ों के पुल बांधे तो वहीं विपक्ष ने अपना धर्म निभाते हुए इनकी जीतोड़ आलोचना की। सरकार ने इसको क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक बताया तो विपक्ष द्वारा इसको आर्थिक आपातकाल बताया गया। ऐलान के बाद से ही रात-रात भर एटीएम के बाहर आम जनता की कतार लगनी शुरू हो गई। ना जानें कितने लोगों की मौत हो गई। लोगों को शादियों के लिए पैसे नहीं मिल रहे थे तो कहीं बारात लौट रही थी। अस्पतालों में इलाज तक के पैसे नहीं थे। एक महीने में ही करीब 100 से ज्यादा मौतें हो गईं थी। इनमें से अधिकांश मौतें बैंक में पैसे जमा करने और निकालने के लिए लगी लाइन में हुई थीं। किसी को हॉर्ट अटैक आया था, तो कोई बीमारी की वजह से मर गया था। इसी कड़ी में राहुल गांधी सरीखे कुछ नेताओं ने इसे सियासत का ग्राउंड समझते हुए इस पर बहतरीन प्रदर्शन करने का प्रयास किया और इसी क्रम में वे फटा कुर्ता पहले मीडिया के समक्ष भी आ गए। 

Second anniversary of the  demonetization

  किसी के लिए सालगिरह तो किसी के लिए है बरसी

खैर बात सालगिरह की है तो उसी पर बात करते है। ताजा धराओं की अगर बात करें तो मोदी सरकार आज भी अपने उन्हीं वक्तव्यों पर अडिग है जिसमें कहा गया था की नोटबंदी की वजह से देश में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिला है, नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार, कालाधन, सीमापार आतंकवाद, जाली नोट और देश में फैली नक्सल समस्या पर भी काफी हद तक लगाम लगी है। इस सब को लेकर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने लंबा-चौड़ा फेसबुक पोस्ट भी लिखा है और पीएम मोदी के निर्णय को साहसिक कदम बताया है। 

Second anniversary of the  demonetization

अरुण जेटली ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा कि नोटबंदी को लेकर गलत आलोचना यह की जा रही है कि सारे पैसे बैंकों में जमा कर लिए गए। पैसे की जब्ती करना नोटबंदी का मकसद नहीं था। अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने और कर चुकाना इसके व्यापक लक्ष्य था। भारत को कैश से डिजिटल लेनदेन के लिए ले जाने के लिए व्यवस्था दुरूस्त करने की जरूरत थी। वास्तविक तौर पर इसका हायर टैक्स रिवैन्यू और हायर टैक्स बेस पर असर होगा।

Second anniversary of the  demonetization

यह भी पढ़ें:- .......अखिलेश ने बताया इकाना का मतलब, कहा - नाम बदलकर भाजपा ने किया भगवान का अपमान

  नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर विपक्ष का हमला

नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि दो साल पहले नोटबंदी के तुगलकी फरमान से देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तबाह करने के विरोध में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि दो साल पहले आठ नवंबर को पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए करीब 16.99 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा को अवैध घोषित कर दिया था। तिवारी ने पीएम के फैसले को तुगलकी करार देते हुए कहा कि उस फैसले के पीछे तीन कारण दिए गए थे कि इस फैसले से काले धन पर रोक लगेगी, जाली मुद्रा बाहर होगी और आतंकवाद को वित्तीय सहायता मिलनी बंद हो जाएगी लेकिन दो साल बाद इनमें से कोई लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में भारतीय अर्थव्यवस्था में आठ नवंबर 2016 की तुलना में चलन में ज्यादा नकदी है। 

Second anniversary of the  demonetization

  आरबीआई के खुलासे ने खोली सरकार के दावों की पोल 

इसी साल अगस्त में आरबीआई की तरफ से नोटबंदी को लेकर जारी की गयी रिपोर्ट ने सरकार के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी। नोटबंदी के दौरान 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए के नोट बंद किए गए थे जिसमें से 15 लाख 31 हजार करोड़ वापस आए हैं। सिर्फ 10,720 करोड़ रुपये ही वापस नहीं आए हैं। बाकी के बचे 15.31 लाख करोड़ रुपये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास लौट आए हैं। इसके अलावा कालेधन का हब माने जाने वाले स्विस नेशनल बैंक ने कहा था कि नोटबंदी के बाद से स्विस बैंक में भारतीयों का पैसा 50 फीसदी तक बढ़ गया है और स्विस बैंक में भारतीयों के 7,000 करोड़ रुपये जमा हैं। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उस वक्त कहा था कि विदेश में जमा सारे पैसे को कालाधन नहीं कहा जा सकता है। 

Second anniversary of the  demonetization

Web Title: Second anniversary of the demonetization ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया


loading...