#Chhath Puja: जानिए खरना का महत्व


ANAMIKA PANDEY 12/11/2018 12:13:25
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Lucknow. छठ का त्योहार चार दिन चलता है । इसके दूसरे दिन खरना किया जाता है । इसमें पूरे दिन व्रत रखा जाता है । पहले दिन नहाय- खाय के बाद व्रत खरना करेंगे । खरना का मतलब है शुद्धिकरण ।

Chhath Puja Know the Importance of Predatory

व्रत नहाय खाय के दिन एक समय भोजन करके अपने मन को शुद्ध करते हैं जिसकी पूर्णता अगले दिन तक होती है इसलिए इसे खरना कहते हैं । आज के दिन शाम होने पर गन्ने का जूस या गुड़ और चावल की खीर का प्रसाद बना कर बांटा जाता है । प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।

Chhath Puja Know the Importance of Predatory

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खरना के दिन जो प्रसाद बनता है, उसे नए चूल्हे पर बनाया जाता है और ये चूल्हा मिट्टी का बना होता है। चूल्हे पर आम की लकड़ी का प्रयोग करना शुभ माना जाता है खरना इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन जब व्रती प्रसाद खा लेती हैं। तो फिर वे छठ पूजने के बाद ही कुछ खाती हैं।

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खरना के बाद आसपास के लोग भी व्रतियों के घर पहुंचते हैं, इस प्रसाद के लिए लोगों को बुलाया नहीं जाता बल्कि लोग खुद आते है और प्रसाद मांगकर ग्रहण करते है ।

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