#Chhath Puja: सूर्य पूजा का महत्व एवं विधि


ANAMIKA PANDEY 12/11/2018 15:40:51
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Lucknow. कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है । इसदिन सूर्य देव की विशेष रूप से पूजा की जाती है । सूर्य को सभी ग्रहों का अधिपति माना जाता है । इस साल यह त्योहार 13 नवम्बर को मनाया जाएगा । सूर्य की आराधना करने से एवं नियमित रूप से जल अर्पित करने से सूर्य देव प्रसन्न होते है एवं सूर्य पूजन से कई लाभ मिलते हैं ।  छठ पूजा में सूर्य पूजन का विशेष महत्व है ।

Chhath Puja The importance and method of the Sun worship

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सूर्य देव को जल अर्पित करने की विधि

नित्य सुबह जल्दी उठें और स्नान करे बाद सूर्य को जल अर्पित करें।

जल चढ़ाने के लिए तांबे के बर्तन का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि तांबा सूर्य की धातु है ।

जल में चावल, लाल रोली, लाल फूल का उपयोग करना चाहिए ।

जल अर्पित करते समय गायत्री मंत्र का जाप करें।

गायत्री मंत्र के बाद नीचे दिये इस मंत्र का जाप करें ।

Chhath Puja The importance and method of the Sun worship

मंत्र

आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर, दिवाकर नमस्तुभ्यं , प्रभाकर नमोस्तुते ।

सप्ताश्वरथमारूढ़ं प्रचंडं कश्यपात्मजम्, श्वेतपद्यधरं देव तं सूर्यप्रणाम्यहम् ।।

Chhath Puja The importance and method of the Sun worship

सूर्य पूजन से लाभ

सूर्य को जल अर्पित करने से सेहत को ला भ मिलता है ।

सूर्य को जल अर्पित करने के बाद जमीन पर गिरे जल को मस्तक पर लगाना चाहिए ।

सूर्य नमस्कार करने से आखों की रोशनी तेज होती है ।

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