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किसानों के बिना वैज्ञानिकों की संगोष्ठी अधूरी : स्वाती सिंह


LEKHRAM MAURYA 29/11/2018 09:36:43
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Lucknow. किसान भी एक वैज्ञानिक है, क्योंकि वह खेत में प्रैक्टिकल कर रहा है। वैज्ञानिकों की ऐसी कॉन्फ्रेन्स में कम से कम 50 किसान भी होने चाहिए थे या फिर किसानों के लिए काम करने वाले संगठनों को इसमें बुलाना चाहिए था। बिना किसानों के इस कॉन्फ्रेंस का कोई विशेष महत्व नहीं है। यह बातें प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने आर्गेनिक खेती पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहीं।

Unsuccessful Scientist seminar without farmers, Swati Singh

  इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर भी ध्यान देने की जरूरत

राज्यमंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि पहले देश में आर्गेनिक खेती ही होती थी, यह कोई नया काम नहीं है, लेकिन आज फिर हम लोग उसकी ओर इसलिए लौट रहे हैं, क्योंकि वातावरण के साथ-साथ फल एवं सब्जियों में कीटनाशकों का अन्धाधुन्ध प्रयोग हमारे जीवन को खतरा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्गेनिक फार्मिंग के अलावा हमें इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

Unsuccessful Scientist seminar without farmers, Swati Singh

उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश से नवाब ब्राण्ड के नाम पर दशहरी और चौसा विदेश को निर्यात किया जाता है, परन्तु हमारी दशहरी मे अन्दर का गूदा इतना मुलायम होता है कि उसे काटने के बजाय निकालकर बाहर फेंकने की इच्छा होती है। इसी कारण दशहरी टिकाऊ नहीं है। इसको कैसे ठीक किया जाय या इसकी कमियों का पता लगाने के लिए हम वैज्ञानिकों का एक पैनल बनाकर जांच कराने की सोच रहे थे, परन्तु अब हमें शायद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि यहां आपने सभी जगहों के वैज्ञानिकों को एक मंच पर इकट्ठा कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे लिए भगवान हैं, क्योंकि उसके द्वारा ही हमारे जीवन के लिए आवश्यक अनाज एवं सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। इसलिए हमें उसको साथ लेकर ही काम करने की जरूरत है। 

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   13 वैज्ञानिकों एवं दो किसानों को किया गया सम्मानित 

इस कार्यक्रम का आयोजन भागीदारी भवन गोमतीनगर में डॉ. कृषि एवं बागवानी विकास संस्थान लखनऊ द्वारा किया गया था। इस अवसर पर 5 वैज्ञानिकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिसमें पूर्व निदेशक केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा डॉ. आर.के. पाठक, डॉ.एस.डी. सावंत, डॉ. चंदीश आर. बल्लाल, प्रो. आर.के. सेठ, डॉ. ए.के.मिश्रा सम्मिलित थे। 

इसके अलावा छह वैज्ञानिकों को फेलोशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें डॉ. आर.ए. बलिकई, डॉ. प्रतिभा शर्मा, डॉ. पी.एस.सिंह, डॉ. पंकज बैसवार, डॉ. ए.पी. द्विवेदी, डॉ.एच. बी. सिंह के साथ ही दो किसानों को जैविक कृषि अवार्ड दिया गया। किसानों में बलराज सिंह पंजाब, पंकज कुमार वर्मा वैशाली गाजियाबाद को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. आर. पी श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, निदेशक सीआईएसएच डॉ. राजन शुक्ला सहित वैज्ञानिक एवं कृषि, उद्यान एवं मंडी परिषद के अधिकारी उपस्थित थे। 

Web Title: Unsuccessful Scientist seminar without farmers Swati Singh ( Hindi News From Newstimes)


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