निर्भया की मां ने कहा- अपराधी अभी भी जिंदा हैं, फेल हो गई दिल्ली की कानून-व्यवस्था


SUJEET KUMAR 16/12/2018 11:57 AM
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New Delhi. आज से ठीक छह साल पहले दिल्ली निर्भया की चीखों से दहल उठी थी। 16 दिसंबर, 2012 को गैंगरेप की इस घटना ने सभी के दिलों को झंझोर कर रख दिया था। लोग अपने घरों से निकलकर निर्भया के गुनहगारों को सजा देने की मांग कर रहे थे। इस घटना के छह साल पूरे होने पर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि अपराधी अभी भी जिंदा हैं। उन्होंने इसके लिए कानून-व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि लड़कियां खुद को कमजोर न समझे। 

nirbhaya gangrepe case sixth anniversary mother asha devi supreme court delhi police criminalsआशा देवी ने कहा कि इस तरह के एक आपराधिक मामले में अपराधी अभी भी जीवित हैं। यह कानून और व्यवस्था की विफलता है। हम लड़कियों को हर जगह खुद को कमजोर नहीं मानने की बात कहते हैं और माता-पिता से अपनी लड़कियों को शिक्षा से वंचित नहीं करने का अनुरोध करना चाहते हैं। 

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बता दें कि इसी साल जुलाई के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी थी। मुकेश (31), पवन गुप्ता (24) और विनय शर्मा (25) की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसके फैसले पर पुनर्विचार करने का कोई आधार नहीं है।

Asha Devi, mother of Dec 16 Delhi gangrape victim: Culprits in a criminal case like this are still alive. It's a failure of law & order situation. We want to tell the girls everywhere to not consider themselves weak & request parents to not deprive their girls of education pic.twitter.com/SwzVxdH9ss

— ANI (@ANI) December 15, 2018

जबकि शीर्ष अदालत ने कहा था कि जिन दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है वे उसके निर्णय में साफ तौर पर कोई भी त्रुटि सामने रखने में विफल रहे हैं। चौथे मुजरिम अक्षय कुमार सिंह (33) ने मौत की सजा के निर्णय पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर नहीं की थी।

गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप मामले में चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई थी। इस अपराध में एक आरोपी राम सिंह ने मुकदमा लंबित होने के दौरान ही जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि छठा आरोपी एक किशोर था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 मार्च, 2014 को दोषियों को मृत्यु दंड देने के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी थी। इसके बाद, दोषियों ने शीर्ष अदालत में अपील दायर की थीं जिन पर कोर्ट ने पांच मई, 2017 को फैसला सुनाया था।

Web Title: nirbhaya gangrepe case sixth anniversary mother asha devi supreme court delhi police criminals ( Hindi News From Newstimes)


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