राजनीति के महानायक थे अटल बिहारी वाजपेयी : राज्यपाल राम नाईक


MOHD ATHAR RAZA 25/12/2018 14:49:18
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Lucknow. प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि ईसाई धर्म के संस्थापक प्रभु ईशा मसीह, महामना मदन मोहन मालवीय तथा अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मतिथि एक ही दिन है। उन्होंने कहा कि ‘मैं ऐसे सभी महान व्यक्तियों को अपनी ओर से तथा प्रदेश की जनता की ओर से नमन करता हूं। राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति के महानायक तथा देश के सर्वमान्य नेता थे। दल के लोग उनकी प्रशंसा करें तो स्वाभाविक है, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की स्तुति विपक्षी दल के नेता भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी में सबको साथ लेकर चलने की विशेषता थी। उन्होंने देश को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया। राज्यपाल ने कहा कि अटल जी ऐसे पूर्व प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने लखनऊ से सांसद रहते हुए भी अपना निजी आवास नहीं बनाया।  

A big leader like Atal ji is difficult to get Governor Ram Naik

प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयन्ती पर लोक भवन में आयोजित ‘महानायक अटल’ विषयक परिचर्चा को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी विलक्षण प्रतिभा के मालिक थे। अटल बिहारी वाजपेयी के साथ संगठन और सरकार में काम करने का अवसर मिला। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तो वे मुंबई के अध्यक्ष थे। सन् 1980 में मुंबई में आयोजित पहले पार्टी अधिवेशन में न्यायमूर्ति छागला ने अपने संबोधन में कहा था कि ‘मैं मिनी इण्डिया देख रहा हूं और मेरे दाहिने हाथ पर देश के भावी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बैठे हैं। आगे जाकर न्यायमूर्ति छागला की भविष्यवाणी सही साबित हुई और अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री बने। 

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राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कार्यकर्ताओं से बड़ी आत्मियता और स्नेह से मिलते थे। राज्यपाल ने बताया कि 1994 में जब उन्हें कैंसर हुआ तब वे लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक थे, उन्होंने त्यागपत्र देने की बात कही तो अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि ‘त्यागपत्र मैं अपने पास रखता हूं पर आप जल्दी ही वापस आने वाले हैं। यह कहकर उन्होंने उत्साहवर्द्धन किया तथा स्वास्थ्य की जानकारी लेने वे स्वयं बिना किसी को बताये मेरे निवास पर आये। कारगिल युद्ध में शहीदों के परिजनों को पेट्रोल पम्प और गैस एजेन्सी देने के प्रस्ताव को अटल बिहारी वाजपेयी ने सहजता से स्वीकार किया। अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके रास्ते पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसा बड़ा नेता मुश्किल से मिलता है। 

केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारत के विलक्षण व्यक्ति थे। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए व्यवहार, आचरण और कार्यशैली अटल बिहारी वाजपेयी से सीखने की जरूरत है। अटल बिहारी वाजपेयी की नाराजगी भी स्नेहिल होती थी। कूटनीति के मैदान के साथ-साथ युद्ध के मैदान में भी उन्होनें विजय प्राप्त की। अटल बिहारी वाजपेयी के सान्निध्य में जाने पर दलों के बंधन भी टूट जाते थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसा नेता बिरले ही मिलते हैं। गृहमंत्री ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े कई संस्मरणों को साझा किया।

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विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अटल जी प्रिय और अप्रिय से सर्वथा मुक्त व्यक्तित्व के मालिक थे। अपने हास्य और विनोद के माध्यम से माहौल बनाना उनकी कुशलता थी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के डांट मेें भी प्रेम होता था। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा ने किया। इससे पहले परिचर्चा से पूर्व सभी महानुभावों ने लोक भवन के प्रांगण में लगे स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, उप मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा, मंत्रिमण्डल के अन्य सदस्यगण, महापौर संयुक्ता भाटिया व अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे।     

Web Title: A big leader like Atal Bihari Vajpayee finds it difficult Governor Ram Naik ( Hindi News From Newstimes)


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