बड़ी खबर: इस दिग्गज नेता पर गिरी मायावती की गाज, महत्वपूर्ण पद से किया बाहर


NAZO ALI SHEIKH 29/12/2018 10:40:30
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Lucknow. लोकसभा चुनाव को लेकर सियाती घमासान तेज हो चुकी है। इस बीच नई रणनीति के तहत बसपा में मायावती के निर्देश पर पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से पदाधिकारियों को हटाने की कवायद तेज हो गई है। नए नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा रही है। इस बीच हाल में ही सपा से अलग होकर बसपा में शामिल हुईं बिजनौर की पूर्व विधायक और तेज तर्रार नेता रुचि वीरा को लोकसभा प्रभारी के महत्वपूर्ण पद से हटा दिया गया है। बसपा के इस निर्णय के बाद से बिजनौर जिले की सियासत गरमा गई है। वीरा के विरोधी उनके खिलाफ एकजुट होने लगे हैं। हालांकि, उनके समर्थक उनकी पैरवी कर रहे हैं। 

badi khabar is diggaj neta par giri mayawati ki gaaj, mahatvpoorn pad se kiya baahar

  राजनीति में बड़ा वजूद

बताते चलें कि सपा की दिग्गज नेता रहीं रुचि वीरा से विरोधी पार्टी भी लोहा मानते हैं। पूर्व विधायक वीरा का बिजनौर में राजनीति के गढ़ में काफी दबदबा है। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए वीरा बगावत पर उतर आई थीं। विराधियों को भी कई बार राजनीति में कारारी शिकस्त दी। सपा के की कई दिग्गज नेता वीरा के विरोध में थे। इसके बाद भी उन्होंने अपने दम पर ही पति को जिला पंचायत अध्यक्ष बना दिया था। फिलहाल अब देखना ये है कि वीरा अपने सामने आई इस मुसीबत का सामना कैसे करती हैं। उनको बसपा से लोकसभा का टिकट विरोधियों के एकजुट होने पर मिल पाता है या नहीं। 

  जान गई थीं ये बात

रुचि वीरा काफी समय से बसपा पार्टी ज्वाइन करना चाहती थीं। उनको यह भी पता चल चुका था कि बिजनौर की सीट सपा और बसपा गठबंधन के बाद बसपा के ही खाते में जाएगी। जैसे ही वीरा ने बसपा पार्टी ज्वाइन की उनके विरोधी एकजुट हो गए। इसका नतीजा पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार व बसपा के जोन कोआर्डिनेटर जितेंद्र सागर को भी झेलना पड़ा। बसपा सुप्रीमो के आदेश पर दोनों ही नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद वीरा का टिकट से पत्ता साफ करने के लिए विरोधी आमने सामने आ गए। जिस दिन वीरा ने बसपा पार्टी का दामन थामा विरोधी मृतक ब्रह्मपाल की पत्नी सरोज देवी बीडीसी सदस्य परिवार के साथ विकास भवन में धरने पर बैठ गई।

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  इसलिए पद से हटाया

वीरा को किनारे करने के लिए सरोज के पति की हत्या को लेकर वीरा का हाथ होने का गंभीर आरोप तक लगा दिया गया। यही नहीं सरोज के घर पर हमले को लेकर वीरा व उनके समर्थकों पर जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उस पर कार्रवाई की मांग की जाने लगी। जब ये पूरा प्रकरण बसपा सुप्रीमो तक पहुंचा तो वीरा को बिजनौर लोकसभा पद से हटा दिया गया। अब यह कहा जा रहा है कि ब्रह्मपाल हत्या प्रकरण की जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती बिजनौर से प्रभारी ही नहीं होगा। रुचि वीरा के मुताबिक जांच के बाद दूध का दूध व पानी का पानी खुद हो जाएगा। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। ब्रह्मपाल के परिवार की ओर से उनके खिलाफ जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी उसे पुलिस ने एक्सपंज कर दिया है। ब्रह्मपाल की मौत के मामले में उनके परिजनों ने कोर्ट में हादसे में मौत होने के मामले में क्लेम मांगा है। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। 

  सपा-बसपा के विरोधी नेताओं ने हाथ मिलाया 

रुचि वीरा का टिकट कटवाने के लिए बसपा के ही नहीं सपा के भी विरोधी नेता सक्रिय हो गए हैं। इन नेताओं ने बसपा के विरोधी नेताओं से हाथ मिला लिया है और उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं। सपा के विरोधी नेता नहीं चाहते कि रुचि वीरा लोकसभा चुनाव लड़ें। वह रुचि वीरा से अपनी पुरानी राजनीतिक दुश्मनी का बदला लेना चाहते हैं।

Web Title: badi khabar is diggaj neta par giri mayawati ki gaaj, mahatvpoorn pad se kiya baahar ( Hindi News From Newstimes)


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