लोकसभा चुनाव: हुआ ये काम तो सपा-बसपा का लहराएगा परचम, मिल चुका है जीत का फार्मूला...


NAZO ALI SHEIKH 02/01/2019 11:41:52
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Lucknow. लोकसभा चुनाव से पहले हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम ने राजनीति परिदृश्य को पलट कर रख दिया है। पीएम नरेन्द्र मोदी की जो लहर थी, वह भी तीन राज्यों के चुनाव में फीकी पड़ती नजर आई है। चूंकि पीएम ने खुद ही कई जगहों पर जाकर प्रचार प्रसार किया था। हर तरह की बयानबाजी और लोकलुभावन वादों को चुनाव में जीत के लिए ढाल बनाया गया, लेकिन कांग्रेस को मायावती का साथ मिला और तीनों ही राज्यों में कांग्रेस ने बाजी मार ली। जबकि भाजपा को पांचों राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा।

 Lok Sabha elections hua ye kaam to sapa-baspa ka lahraega paracham, mil chuka hai jeet ka forrmoola

अब लोकसभा चुनाव पर ही सभी राजनैतिक दलों की निगाहें टिकी हुई है। जिसमें यूपी की सीटें ही अहम भूमिका निभाती आई हैं। इस बार का नया साल 2019 सियासत को लेकर काफी अहम माना जा रहा है। बीजेपी विरोधी पार्टियों में सपा बसपा का हर फार्मूला सफल हो रहा है। 

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  सपा बसपा पर ही नजर    

गौरतलब है कि तीनों बीजेपी शासित राज्यों एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भले ही कांग्रेस ने सरकार बना ली हो, लेकिन बसपा और सपा की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। सपा और बसपा की रणनीति हर जगह काम आई और बीजेपी को हार का ही सामना करना पड़ा। जीत का ये फार्मूला सपा बसपा को यूपी में हुए उपचुनावों के दौरान ही मिल चुका था। उपचुनाव में अखिलेश यादव और मायावती के गठबंधन का जिस तरीके से जनता ने स्वागत किया राजनीति की दशा और दिशा तो वहीं से बदल चुकी थी। जबकि अपने ही गढ़ में सीएम और डिप्टी सीएम को हार का मुंह देखना पड़ा था। 

  रच सकते हैं इतिहास

अब जो सियासत नजर आ रही है, उससे साफ है कि सपा बसपा कुछ नया करेगी। लोकसभा चुनाव में यूपी के महादिग्गजों को रोकना आसान नहीं होगा। पीएम मोदी की लोकप्रियता भले ही देश में हो, लेकिन जिस तरीके से चुनाव परिणाम आ रहे और भाजपा को हार का सामना करना पड़ रहा है। इससे साफ नजर आने लगा है कि जनता भी अब कुछ नया चाहती है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यूपी की सीटें ही लोकसभा में किसी भी पार्टी का झंडा बुलंद करने में मददगार रही है। पीएम की कुर्सी का निर्णय यूपी से ही होता रहा है। यहां लोकसभा चुनाव की सबसे अधिक सीटें हैं। पिछले चुनाव में बीजेपी ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 71 पर जीत दर्ज करके ही सरकार बनाई थी। उस दौरान मोदी लहर में सभी पार्टियां धराशाई हो गईं थी। लेकिन अब बसपा और सपा की आंधी में सभी पार्टियां ढेर होते नजर आ रही हैं। भले ही दोनों ही पार्टियां धीरे धीरे सफलता की ओर आगे बढ़ रही हों, लेकिन जनता का रुझान कुछ अलग ही संकेत कर रहा है।

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  पुरानी दुश्मनी के बाद दोस्ती

सपा और बसपा के बीच देखा जाए तो सालों से खींचातानी चल रही थी। दोनों ही पार्टियां एक दूसरे की कट्टर विरोधी माना जाती थी, लेकिन अखिलेश यादव की सरकार बनने के बाद सपा और बसपा में मधुरता आई। अब 23 साल की दुश्मनी को भुलाकर बुआ भतीजे ने जीत का फार्मूला ही निकाल डाला है। यदि दोनों की आंधी चली तो यूपी में बेहतरीन सीटें निकालकर सपा बसपा अपना झंडा बुलंद कर सकते हैं। 

 Lok Sabha elections hua ye kaam to sapa-baspa ka lahraega paracham, mil chuka hai jeet ka forrmoola

  ये हैं समीकरण 

अब तक जिस तरीके से बसपा और सपा की रणनीति के आगे सभी पार्टियां धराशाई होती रही है, ये लोकसभा चुनाव में भी दोहराया जा सकता है। यदि सपा और बसपा एकसाथ आए तो नया सियासी इतिहास रचने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि 2014 में पीएम मोदी की लहर होने के बाद भी सपा और बसपा को 41.80 फीसदी वोट हासिल हुए थे। लेकिन अब परिस्थितियां उस तरीके की नजर नहीं आ रही हैं। अब जतना का रुझान एकतरफा नहीं रह गया है। वजह जो भी हो बीजेपी की हार खुद ही इस ओर संकेत करने लगी है। 

Web Title: Lok Sabha elections hua ye kaam to sapa-baspa ka lahraega paracham, mil chuka hai jeet ka forrmoola ( Hindi News From Newstimes)


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