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इसरो का ग्राउंड स्टेशन ड्रैगन को देगा जवाब


DEEP KRISHAN SHUKLA 07/01/2019 16:00:44
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NewDelhi. भारत की सैटेलाइटों पर निगरानी रखने के इरादे से ड्रैगन ने बॉर्डर के निकट तिब्बत में सैटेलाइट ट्रैकिंग एंड डेटा रिसेप्शन सेंटर स्थापित किया है। चीन को इसका जवाब देने की तैयारी भारत ने कर ली है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन(इसरो) वैसा ही सेंटर भूटान में स्‍थापित करने जा रहा है।

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इसरो द्वारा भूटान में बनाया जाने वाला ग्राउंड स्टेशन रणनीतिक तौर पर भारतीय सेना को बेहद ताकतवर बनाएगा। सबसे खास बात है इस सेंटर की लोकेशन जो भारत व चीन के बीच में है। जिससे भारत के साथ भूटान को काफी मदद मिलेगी। बता दें कि चीन ने ऐसा ही सेंटर वास्तविक नियंत्रण रेखा से 125 किलोमीटर दूर तिब्बत के नगारी में बनाया है। यह सैटेलाइट ट्रैकिंग सेंटर बेहद आधुनिक है। ड्रैगन को इसका जवाब देने के लिए भारत को भी एक हाईटेक सेंटर की जरूरत है। जो इसरो द्वारा पड़ोसी मुल्क भूटान में ग्राउंड स्‍टेशन बनाए जाने से पूरी हो जाएगी। इसरो ने 5 मई 2017 को साउथ एशिया सैटलाइट को लॉन्च किया था। अब इस दिशा में इसरो ने तेजी से कदम बढ़ा दिए है। डोकलाम गतिरोध के दौरान चीन ना केवल भारत बल्कि भूटान को भी आंखें दिखाई थीं। ऐसे में चीन पर नकेल कसने के लिए यह कदम बेहद कारगर साबित होगा। भूटान के नए प्रधानमंत्री लोते शेरिंग के साथ हाल में हुई मुलाकात के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'स्पेस साइंस हमारे सहयोग (भूटान के साथ) का नया आयाम है।

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  भूटान के लिए कई मायनों में वरदान होगा यह स्टेशन

इसरो के इस ग्राउंड स्टेशन से न केवल भूटान को साउथ एशिया सैटेलाइट का लाभ पहुंचेगा बल्कि तिब्बत में चीन के स्टेशन के मुकाबले रणनीतिक तौर पर संतुलन साधने में भी काम आएगा। इसके अलावा इसके पूरा होने पर भूटान कई अन्य मायनों में भी लाभांवित होगा। जिसमें मौसम की जानकारी, टेलि-मेडिसिन और आपदा राहत से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल है।

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  भारतीय सैटेलाइटों को ब्लाइंड करने की झमता से लैस है चीनी सेंटर

ड्रैगन द्वारा तिब्बत में बनाए गए सैटेलाइट ट्रैकिंग एंड डेटा रिसेप्शन सेंटर इतना अत्या​धुनिक है कि बड़ी आसानी से भारतीय सैटलाइटों को ट्रैक कर सकता है। यही नहीं चीन का यह भारतीय सैटेलाइट की आंख में धूल झोकने की भी झमता रखता है। यह इसकी सबसे खास बात है कि ट्रैकिंग के साथ- साथ यह भारतीय सैटेलाइट को ब्लाइंड करने की क्षमता से भी लैस है।

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Web Title: isro ka graund station dega draigan ko javab ( Hindi News From Newstimes)


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