मुख्य समाचार
हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन  प्रियंका को लेकर चुनार पहुंची पुलिस; सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस मौजूद नारेबाजी जारी लखनऊ में शिवसेना का सदस्यता अभियान शुरू  जिला पंचायत सदस्य पर प्लाट कब्जाने का आरोप, एंटी भूमाफिया पोर्टल पर शिकायत  टैंपो चालकों ने किया हंगामा, भाजपा सांसद के पुत्र के करीबियों और पुलिस पर लगा वसूली का आरोप  फोरम के आदेश की नाफरमानी लखनऊ डीएम को पड़ी भारी, वेतन रोकने के आदेश अजय कुमार लल्लू बोले - जमीनी विवाद नहीं, सामूहिक नरसंहार है घोरावल कांड जमीनी विवाद नहीं, सामूहिक नरसंहार है घोरावल कांड : अजय कुमार लल्लू सुरक्षा प्रबंध सराहनीय हैं, लेकिन मेरी सुरक्षा का दायरा कम से कम रखें : प्रियंका वाड्रा भाजपा सरकार ने जनता की सुरक्षा को अपराधियों के आगे गिरवी रख दिया है : अखिलेश जन्मदिन विशेष: शाहरुख की फिल्में हिट कराने में सुखविंदर सिंह का बड़ा योगदान हज यात्री इन्तज़ामों में कमी बतायें, दूर किया जायेगा : मोहसिन रज़ा ‘‘भूजल सप्ताह’’ के दूसरे दिन जल संरक्षण पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित जालान पैनल ने तैयार की फंड ट्रांसफर की रिपोर्ट, सरकार को मिलेगी बड़ी राहत बाढ़ राहत के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये : राहत आयुक्त राजकीय नलकूपों के यांत्रिक दोषों को 24 घंटे में दूर करें : धर्मपाल सिंह  पुलिस से परेशान व्यापारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर लगाई आग बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आए अक्षय, प्रियंका ने भी की अपील सोनभद्र: 90 बीघा जमीन के लिए हुआ खूनी संघर्ष, 11 की मौत
 

यूपीए ने भी चला था आरक्षण का दांव, मिली थी करारी हार


ABHIMANYU VERMA 11/01/2019 14:52:44
221 Views

New Delhi. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी सरकार ने सवर्णों की नाराजगी दूर करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले को मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, लेकिन ये कोई पहला मौका नहीं है, जब किसी सरकार ने ऐसा किया हो। इससे पहले यूपीए की सरकार ने भी ऐसा ही दांव चला था। 

UPA special story on jat reservation

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें

यूपीए का दांव हुआ था फेल 

यूपीए सरकार ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले 4 मार्च, 2014 को जारी एक अधिसूचना के जरिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश के जाटों को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल कर लिया था, जिसके तहत जाट समुदाय को ओबीसी कैटेगिरी में शामिल करने और अल्पसंख्यकों को 4.5 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया था, लेकिन यूपीए सरकार के इस दांव से कोई फायदा नहीं मिल पाया था और उसे करारी हार झेलनी पड़ी थी। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि 10 फीसदी आरक्षण के दांव से क्या मोदी सरकार वापसी कर पाएगी?

UPA special story on jat reservation

यह भी पढ़ें:-...यूपीए-3 की सरकार के लिए राफेल डील बना सबसे बड़ा हथियार!

यूपीए की तरह एनडीए के पास कोई ठोस आंकड़ा नहीं

मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से सवर्णों को भले ही आरक्षण देने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि सरकार के पास इसको लेकर कोई ठोस आंकड़ा उपलब्ध नहीं। कुछ ऐसी स्थिति यूपीए के साथ भी थी। उस समय यूपीए सरकार ने जाट ही नहीं बल्कि अल्पसंख्यकों को 4.5 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार का फैसला भी कोर्ट में नहीं टिक सका, क्योंकि यूपीए के पास जनगणना को लेकर ठोस आंकड़े और ताजा सर्वे उपलब्ध नहीं थे। वहीं, मौजूदा सरकार ने ठोस आंकड़ा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है।

UPA special story on jat reservation

Web Title: UPA special story on jat reservation ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया