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बिहार महागठबंधन में मतभेद, सहयोगियों ने छोड़ा लालू का साथ!


ABHIMANYU VERMA 13/01/2019 14:36:58
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New Delhi. आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण के देने के लिए संविधान का 124वां संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो गया। वहीं, शनिवार को राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने का रास्ता भी साफ हो गया है। एक ओर जहां मोदी सरकार के इस कदम को लोकसभा चुनाव के लिए मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ इस बिल को लेकर विपक्षी दलों में मतभेद भी देखने को मिला, जिसमें यूपीए के कई घटक दल भी शामिल हैं। 

Differences in Bihar UPA on the Upper House

  बिल को लेकर बिहार यूपीए में मतभेद

मोदी सरकार इस बिल को दोनों ही सदनों में पास कराने में कामयाब रही। हालांकि यूपीए के दलों में मतभेद देखने को मिला। एक तरफ जहां दोनों सदनों में राजद ने इस बिल का खुलकर विरोध किया। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस, हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (हम) और उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने भी इसका समर्थन किया। इस मुद्दे पर लालू की पार्टी अकेली दिखाई पड़ी। बता दें कि राजद के अलावा ओवैसी की पार्टी ने विरोध किया और अन्नाद्रमुक ने दोनों ही सदनों में वोटिंग प्रोसेस में हिस्सा नहीं लिया। 

Differences in Bihar UPA on the Upper House

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  बिल के समर्थन की वजह 

बिल के समर्थन को लेकर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि वह इस बिल को लाने के लिए प्रतिबद्ध थी, इसलिए वह समर्थन करती है। हालांकि कांग्रेस ने मोदी सरकार के बिल लाने के समय पर सवाल जरूर उठाए, लेकिन कांग्रेस का आरजेडी से अलग रुख रहा।

Differences in Bihar UPA on the Upper House

वहीं, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने दो टूक कहा कि उन्हें किसी के रुख से कोई फर्क नहीं पड़ता। देर से ही सही केंद्र ने अच्‍छा फैसला लिया है, लेकिन आरक्षण की सीमा 10 से बढ़ाकर 15 फीसद की जानी चाहिए। हाल ही में यूपीए का हिस्सा बने उपेन्द्र कुशवाहा ने बिल का समर्थन किया और कहा कि उनके क्षेत्र के सवर्ण युवक उन्हें आरक्षण वाला मंत्री कहते थे, लेकिन अब नहीं कहेंगे। 

Web Title: Differences in Bihar UPA on the Upper House ( Hindi News From Newstimes)


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