मानव कामुकता के अपने खुले रवैये से ओशो रहे विवादित


SANDEEP PANDEY 19/01/2019 10:50:35
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Lucknow. ओशो (मूल नाम रजनीश) अर्थात चन्द्र मोहन जैन एक भारतीय विचारक, धर्मगुरु और रजनीश आंदोलन के प्रणेता-नेता थे। अपने संपूर्ण जीवनकाल में आचार्य रजनीश को एक विवादास्पद रहस्यदर्शी, गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में देखा गया। वे धार्मिक रूढ़िवादिता के बहुत कठोर आलोचक थे, जिसकी वजह से वह बहुत ही जल्दी विवादित हो गए और ताउम्र विवादित ही रहे। 1960 के दशक में उन्होंने पूरे भारत में एक सार्वजनिक वक्ता के रूप में यात्रा की और वे समाजवाद, महात्मा गांधी और हिंदू धार्मिक रूढ़िवाद के प्रखर आलोचक रहे। उन्होंने मानव कामुकता के प्रति खुले रवैया की वकालत की, जिसके कारण वे भारत तथा पश्चिमी देशों में भी आलोचना के पात्र रहे, हालांकि बाद में उनका यह दृष्टिकोण अधिक स्वीकार्य हो गया।

Osho disputed with his open attitude of human sexuality

चन्द्र मोहन जैन का जन्म भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन शहर के कुच्वाडा गांव में 11 दिसम्बर, 1931 को हुआ था। उनके माता-पिता श्री बाबूलाल और सरस्वती जैन, जो कि तारणपंथी दिगंबर जैन थे, ने उन्हें अपने ननिहाल में 7 वर्ष की उम्र तक रखा था। 1960 के दशक में वे 'आचार्य रजनीश' के नाम से एवं 1970-80 के दशक में भगवान रजनीश नाम से और 1989 के समय में ओशो के नाम से जाने गए। वे एक आध्यात्मिक गुरु थे तथा भारत व विदेशों में जाकर उन्होंने प्रवचन दिए।

रजनीश ने अपने विचारों का प्रचार करना मुम्बई में शुरू किया, जिसके बाद उन्होंने पुणे में अपना एक आश्रम स्थापित किया, जिसमें वे विभिन्न प्रकार के उपचारविधान पेश किए जाते थे। तत्कालीन भारत सरकार से कुछ मतभेद के बाद उन्होंने अपने आश्रम को ऑरगन, अमेरिका में स्थानांतरण कर लिया। 1985 में एक खाद्य सम्बंधित दुर्घटना के बाद उन्हें संयुक्त राज्य से निर्वासित कर दिया गया और 21 अन्य देशों से ठुकराया जाने के बाद वे वापस भारत लौटे और पुणे के अपने आश्रम में अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए।

उनकी मृत्यु 19 जनवरी, 1990 के बाद उनके आश्रम ओशो इंटरनॅशनल मेडिटेशन रिसॉर्ट को जूरिक आधारित ओशो इंटरनॅशनल फाउंडेशन चलाती हैं, जिसकी लोकप्रियता उनके निधन के बाद से अधिक बढ़ गयी है। 19 जनवरी को इसके अलावा देश और दुनिया में बहुत कुछ हुआ, जिसके बारे में हमें कोई ज्ञान नहीं है, आइए उसके बारे जानते हैं-

19 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1649 - इंग्लैंड नरेश 'चार्ल्स प्रथम' के ख़िलाफ़ मुकदमा शुरू हुआ।

1668 - किंग लुईस चौदहवां तथा सम्राट लियोपेल्ड प्रथम ने स्पेन के बंटवारे को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये।

1839 - ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने यमन के शहर अदन को जीत लिया।

1905 - बंगला साहित्यकार देवेन्द्रनाथ टैगोर ने आखरी सांस ली।

1910 - जर्मनी तथा बोलिविया के वाणिज्यिक तथा दोस्ताना समझौता समाप्त।

1920 - अलेक्जेंडर मिलरैंड ने फ्रांस में सरकार का गठन किया।

1921 - मध्य अमेरिकी देशों कोस्टारिका, ग्वाटेमाला, होंडुरस तथा अल सल्वाडोर ने समझौते पर हस्ताक्षर किये।

1795 - फ्रांसीसी फ़ौजों ने हॉलैंड को तबाह किया।

1812 - बेलिंगटन के ड्यूक के नेतृत्व में स्पेन ने कई महत्त्वपूर्ण शहरों पर कब्ज़ा किया।

1918 - बोलेविको ने पेट्रोगाड स्थित संविधान सभा को भंग कर दिया।

1927 - ब्रिटेन ने अपनी सेना को चीन भेजने का निर्णय लिया।

1938 - जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के समर्थक सैनिकों ने बार्सीलोना और वैलेसिया शहरों पर बमबारी की, जिससे 700 व्यक्ति मारे गए।

जनरल मोटर्स ने डीजल इंजन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया।

1941 - ब्रिटेन की सेना ने अफ्रीकी देश सूडान के कसलफ पर कब्जा किया।

1942 - 'द्वितीय विश्वयुद्ध' के दौरान जापान ने बर्मा (वर्तमान म्यांमार) पर कब्ज़ा किया।

1945 - सोवियत सेनाओं ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान पोलैंड की लोद्ज यहूदी बस्ती को नाज़ी पहरे से आज़ाद कराया। इस बस्ती के लाखों यहूदी निवासियों को हिटलर के आदेश पर यातनागृहों में मौत के घाट उतार दिया गया था।

1949 - कैरेबियाई देश क्यूबा ने इजरायल को मान्यता दी।

1956- सूडान अरब लीग का नौंवा सदस्य बना।

1960 - अमेरिका और जापान के बीच आपसी सुरक्षा समझौता हुआ।

1966 - इंदिरा गाँधी को भारत का तीसरा प्रधानमंत्री चुना गया।

1974 - चीन ने सोवियत संघ के एक राजनयिक सहित पाँच लोगों को जासूसी के आरोप में देश से निष्कासित कर दिया।

1975- हिमाचल प्रदेश में भूकंप आया।

1977 - समुद्र तटों के लिए प्रसिद्ध अमेरिका के मिआमी शहर में पहली बार बर्फ़ गिरी।

1981 - अमेरिकी तथा ईरान के बीच समझौते के तहत 52 अमेरिकी बंधकों को रिहा किया गया।

1986 - पहला कम्प्यूटर वायरस 'सी.ब्रेन' सक्रिय किया गया।

1992 - इज़रायल के प्रधानमंत्री 'चितजाक मीर' की मिली-जुली सरकार ने संसद में बहुमत खो दिया।

1994 - परिवहन विमान पर हमले के बाद सरायेवो से लोगों को बाहर निकालने का काम राष्ट्रसंघ अधिकारियों ने स्थगित कर दिया।

1995 - चेचन्या के अलगाववादी राष्ट्रपति भवन से भाग निकले और रूसी तोपख़ाने ने उसे नष्ट कर दिया।

2001 - थाइलैंड में रॉक थाइ पार्टी को बहुमत, तालिबान पर सुयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध प्रभावी।

2002 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने किसी भी ग़ैर-पाकिस्तानी आतंकवादी पाकिस्तान में होने से इन्कार किया।

2003 -

मिस्र ने इस्रायल पर हमले रोकने संबंधी अपने प्रस्ताव के बारे में काहिरा में होने वाली बातचीत के लिए फ़िलिस्तीनी गुटों को आमंत्रित किया।

भारतीय राजनयिक 'सुधीर व्यास' को पाकिस्तान में प्रताड़ित किया गया।

2004 - हिमाचल प्रदेश में चम्बा ज़िले के गरौला गांव में एक बस के नदी में गिर जाने से 21 लोग मारे गए।

2005 - सानिया मिर्ज़ा लॉन टेनिस के 'आस्ट्रेलिया ओपन' के तीसरे दौर में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

2007 - जवाहर लाल नेहरू पुरस्कार ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद बिन तैमूर अल सईद को प्रदान करने का फैसला।

2008- सार्वजनिक क्षेत्र की 'पेट्रोलियम कंपनी' 'इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन' ने 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया' के साथ समझौता किया।

श्रीलंका की सेना ने उत्तरी इलाके में हुए संघर्ष में उग्रवादी संगठन लिट्टे के 31 उग्रवादी मार गिराये।

2009- झारखण्ड में राजनीतिक अनिश्चितता को समाप्त करते हुए केन्द्रीय कैबिनेट ने 'राष्ट्रपति शासन' लगाने का निर्णय किया।

'सूर्यशेखर गांगुली' ने 'पार्श्वनाथ शतरंज ख़िताब' जीता।

2010- पश्चिम बंगाल बिहार और उड़ीसा ने बीटी बैंगन का विरोध किया। देश के कुल बैंगन उत्पादन में इन तीन राज्यों का 60 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें पश्चिम बंगाल 30 प्रतिशत, उड़ीसा 20 प्रतिशत व बिहार 11 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।

2013 - स्काटलैंड के ग्लेन कोए में हिमस्खलन में चार पर्वतारोहियों की मौत।

19 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1920 - ज़ेवियर पेरिज डी कुईयार - संयुक्त राष्ट्र संघ के पाँचवें महासचिव थे।

1919 - कैफ़ी आज़मी - फ़िल्म जगत् के मशहूर उर्दू शायर।

1736 - स्कॉटिश आविष्कारक 'जेम्स वाट' का जन्म।

1809 - लेखक 'एडगर एलन पो' का जन्म।

1898 - विष्णु सखाराम खांडेकर - मराठी भाषा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार।

1935 - सौमित्र चटर्जी - बंगाली फ़िल्म अभिनेता

1855 - जी. सुब्रह्मण्यम अय्यर - भारत के जानेमाने पत्रकार तथा प्रमुख बुद्धिजीवी थे।

19 जनवरी को हुए निधन

1597 - मेवाड़ के राजपूत राजा राणा प्रताप सिंह।

1905 - देवेन्द्र नाथ टैगोर (ठाकुर)- नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ ठाकुर के पिता और भारतीय चिंतक, विचारक का निधन।

1990 - आचार्य रजनीश- भारतीय विचारक और धर्मगुरु का पुणे में निधन।

1995 - उपेंद्रनाथ अश्क- हिन्दी साहित्यकार।

2010 - के. एस. अशवाथ, कन्नड़ फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता।

2012 - एंथनी गोंज़ाल्विस - प्रसिद्ध संगीतकार तथा भारतीय व पश्चिमी संगीत के उस्ताद।

2015 - रजनी कोठारी- राजनीतिक विचारक एवं लेखक

वीडियो देखें हिन्दी में-   Lucknow Samachar Video

Web Title: Osho disputed with his open attitude of human sexuality ( Hindi News From Newstimes)


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