इतना प्रभावित हुए कि 13 रूसी नागरिकों ने अपना लिया हिन्दू धर्म


DEEP KRISHAN SHUKLA 25/01/2019 10:03:41
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Haryana. आज जब हमारे ही देश में धर्म को लेकर विशेष तौर युवा पीढ़ी तमाम ऊल जलूल बाते करती गाहे बगाहे दिख जाती है ऐसे में हिंदुत्व को समझने के इरादे से भारत आए 13 रूसी नागरिकों का एक साथ हिन्दू धर्म अपना उन लोगों के बड़ी सीख है धर्म पर टिप्पणी करते हैं। भारत के तीर्थ स्थलों के भ्रमण पर आए 13 रूसी नागरिकों ने भिवानी के बाबा जहरगिरी आश्रम में हिन्दू धर्म को आत्मसात किया। यही नहीं इन विदेशी नागरिकों ने मास्कों में शिव मंदिर का निर्माण कराने की बात भी कही है। जहां पर ये सभी धार्मिक अनुष्ठान करेगें और हिन्दू धर्म का प्रचार प्रसार भी करेगें। 

itna prabhavit hue ki 13 rusi nagrikon ne apna kiya hindu gharm
संगम गिरी ने बताया कि वैदिक परंपरा अपनाने रूसी नागरिक भारत में और समय बिताना चाहते है ​लेकिन वीजा की वैद्यता इसके आड़े आ रही है। हिन्दू धर्म अपनाने वाले ये रूसी नागरिक जनवरी से शुरू हुए कुंभ में भी स्नान कर चुके हैं। भारत के हर एक धार्मिक स्थल का दर्शन करने की प्रबल इच्छा है। बीते मंगलवार को ये सभी कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए जहां दो दिनों में हरियाणा के धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।

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संगम गिरी बताते हैं कि भिवानी से विदेशियों के लगाव की बात करें तो यहां सबसे पहले इटली की तारागिरी आई थी। वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। फिलहाल वह सन्यासी बन चुकी हैं। यह वर्ष 2002 की बात हैं। तारागिरी ने देशभर के अनेक धार्मिक स्थल देखे पर भिवानी से उनको अधिक लगाव है। भिवानी स्थित बाबा जहरगिरी आश्रम के महंत डा. अशोक गिरी ने बताया कि हिन्दू बने ये 13 रूसी अब अपने देश में भी हिन्दू धर्म का प्रचार प्रसार करेंगे। फरवरी माह में योग शिक्षिका गलिनी उर्फ गायत्री के शिष्य भिवानी आकर हिन्दू धर्म की दीक्षा लेगें। इससे पूर्व संतों का एक दल मास्को जाएगा। 

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  पहली बार कामाख्या में अशोक गिरी के संपर्क में आयी थी गलिना
बाबा जहरगिरी के पीठाधीश्वर महंत डा. अशोक गिरी के शिष्य संगम गिरी ने बताया कि सबसे पहले गलिना हमारे गुरूजी योग शिक्षक अशोक गिरी के संपर्क आई। अशोक गिरी 2017 में असम प्रांत स्थित शक्ति पीठ कामख्या गए जहां गलिना उनके संपर्क में आई। जहां दोनों अपने ज्ञान व भावों का आदान प्रदान किया। इसके बाद वह जूना अखाड़ा के संपर्क में इसी वर्ष आए। संगम गिरी ने बताया कि जून 2018 में वह मास्को में एक माह रूके। इसी वर्ष दोबारा वह सितम्बर माह में मास्कों गए और वैदिक परंपरा का प्रचार प्रसार किया। इसी के बाद मास्कों से भारत और खासकर भिवानी आने वाले रूसी नागरिकों की संख्या में इजाफा हुआ। 

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  11 ज्योर्तिलिंगों के दर्शन कर चुके ये रूसी नागरिक 
रूस से आए ये 13 नागरिक अब तक 11 ज्योर्तिलिंगों के दर्शन कर चुके है। इन रूसी लोगों उत्तरप्रदेश के काशी विश्वनाथ, महाराष्ट्र के भीमाशंकर, आंध्रप्रदेश के श्रीसैलम मल्लिकाअर्जुन, मध्यप्रदेश के महाकालेश्वर व ओंकारेश्वर, महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर और घृष्णेश्वर, तमिलनाडू स्थित रामेश्वरम, गुजरात के सोमनाथ और नागेश्वर, केदारनाथ उतराखंड के दर्शन कर चुके है। 
रूसी नागरिकों के हिंदू धर्म दीक्षा लेने के साथ ही इनके नाम भी अब बदल गए हैं। 
  गलिना बनी गायत्री तो पावेल बने गणेश 
गलिना जहां गायत्री बन गई हैं, वहीं पावेल अब गणेश का नाम गणेश हो गया है। खास बात यह है कि इनमें सभी उच्च शिक्षा व उच्च योग्यता के श्रेष्ठ पदों पर आसीन है। गलिना जो अब गायत्री बन गयी है वह योग शिक्षक है। गणेश बने पावेल कंप्यूटर प्रोग्राम टीचर है। इवगिनी उर्फ महेश कंप्यूटर प्रोग्रामर है तो अलोना से दुर्गेश बनने वाला इलेक्ट्रीसिटी के क्षेत्र में कार्यरत है। महेश बनी दीमित्री साफ्टवेयर कंपनी में है। आर्मी से रिटायर्ड अंतोन अब ध्रुव नाम से जाने जाएगें। साफ्टवेयर कंपनी में काम इदबार्थ अब धनजंय हो गये है। विक्टोरिया से विजय व कैटरीना से नाया बनने वाली दोनों महिलाएं गृहणी हैं। अक्षाना से सरस्वती हेलीकाप्टर बनाने वाली कंपनी में काम करती है। जबकि तानिया से सरस्वती व आन्या से अलकनंदा बनी दोनों महिलाएं प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। 

 

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