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सबसे छोटे सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर इसरो ने रचा इतिहास


DEEP KRISHAN SHUKLA 25/01/2019 12:36:00
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New Delhi. इसरो ने बीती देर रात दुनिया का सबसे छोटे सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ भारत सबसे छोटे सैटेलाइट का प्रक्षेपण करने वाला पहला देश बन गया। इसरो ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सैटेलाइट PSLV C44 का प्रक्षेपण किया।  ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान सी 44 रॉकेट से डीआरडीओ के इमेजिंग सैटेलाइट माइक्रोसैट आर व छात्रों द्वारा बनाए गए सैटेलाइट कलामसैट ये दो सैटेलाइट गुरुवार देर रात प्रक्षेपित किए गए। 

sabse chhote satellite ka prakshepan kar isro ne racha ne racha itihas
श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से बुधवार शाम सात बजकर 37 मिनट पर PSLV C44 के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हुई। तय समय गुरुवार की रात 11 बजकर 37 मिनट पर सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया गया। पीएसएलवी के एक नए प्रकार के रॉकेट के जरिए 700 किलोग्राम के दोनों उपग्रहों को छोड़ा गया। इसरो चेयरमैन सिवान के मुताबिक वजन को कम करने और पिंड के आकार को बढ़ाने के लिए एल्यूमीनियम टैंक का प्रयोग किया जाता है। 
छात्रों और स्थानीय स्पेस किड्स इंडिया द्वारा मिलकर विकसित किया गया कलामसैट एक पेलोड है। इसका नामकरण पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक डा. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है। प्रक्षेपण यान के उड़ान भरने के लगभग 14 मिनट बाद इमेजिंग सैटेलाइट माइक्रोसैट आर 277 किलोमीटर की ऊंचाई पर अलग हुआ। इसके बाद यह लगभग 103वें मिनट में 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर काम करना शुरू कर देगा। जबकि कलामसैट सैटेलाइट प्रक्षेपण यान कक्षीय प्लेटफॉर्म के रूप में प्रयोग करेगा। राकेट अपने चौथे चरण में कलामसैट को बहुत अधिक ऊंचाई वाली कक्षा में परीक्षण कार्यों को अंजाम दने के लिए स्थापित करेगा।  

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इसरो ने जो उपग्रह लांच किया है वैसा अभी तक दुनिया को कोई देश नहीं कर सका है। इस प्रक्षेपण की खास बातें यह है कि हाईस्कूल के छात्रों ने इस उपग्रहृ को तैयार किया है जिसकी लांचिंग नि:शुल्क की गयी है। इसरो के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब किसी भारतीय निजी संस्था का उपग्रह लांच किया गया है। इसरो की माने तो कलामसैट दुनिया का सबसे हल्का उपग्रह है जिसका वजन तकरीबन 1.26 किलोग्राम ही है। सबसे खास बात यह है कि स्पेस किड्स नाम की निजी संस्था के छात्रों ने कलामसैट को मात्र 6 दिन में तैयार किया है। मिशन की सफलता पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसरों के वैज्ञानिकों को वधाई दी है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि इस लॉन्च ने भारत के प्रतिभाशाली छात्रों द्वारा निर्मित कलामसैट को सुदूर कक्षा में प्रक्षेपित किया।

 

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Web Title: sabse chhote satellite ka prakshepan kar isro ne racha ne racha itihas ( Hindi News From Newstimes)


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