भारत के संविधान निर्माण में रही 22 समितियां


SANDEEP PANDEY 26/01/2019 11:02:51
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There were 22 committees in the constitution building of India

LUCKNOW. गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई० एन० सी०) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।

सन् 1929 के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को स्वायत्तयोपनिवेश (डोमीनियन) का पद नहीं प्रदान करेगी, जिसके तहत भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही स्वशासित एकाई बन जाता, तो भारत अपने को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा। 26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया। उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। इसके पश्चात स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया। भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरम्भ कर दिया। संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी जिसमें प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) सबसे प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना’ या ‘निर्माण करना’ था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर जी ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया, इसलिए 26 नवम्बर दिवस को भारत में संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है। संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी। अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये। इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया। 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई।

26 जनवरी को इसके अलावा देश और दुनिया में बहुत कुछ हुआ, आइये उसको जानकर हम अपना सामान्य ज्ञान बढ़ा सकते है।

26 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

फ्रांस ने इंग्लैड के ख़िलाफ़ 1666 में युद्ध की घोषणा की।

हांगकांग 1841 में ब्रिटिश कब्जे में चला गया।

ब्रिटिश जनरल चार्ल्स गार्डन 1845 में सूडान में मारे गये।

दक्षिण अफ्रीका में 1905 में हुयी खुदाई में दुनिया का सबसे बड़ा 3106 कैरेट का हीरा कलिनन मिला।

ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में 1930 में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया।

1931 में ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ के दौरान ब्रिटिश सरकार से बातचीत के लिए महात्मा गांधी रिहा किया गया।

ऑस्ट्रिया और हंगरी ने 1931 में ‘शांति संधि’ पर हस्ताक्षर किये।

पौलैंड और जर्मनी के बीच 1934 में दस वर्षीय अनाक्रमण संधि हुई।

सन 1950 में भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ और भारत का संविधान लागू हुआ।

स्वतंत्र भारत के पहले और अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने 1950 में अपने पद से त्यागपत्र दिया और डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति बने।

उत्तर प्रदेश के सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ के शेरों को 1950 में राष्ट्रीय प्रतीक की मान्यता मिली।

वर्ष 1937 में गठित भारतीय संघीय न्यायालय (‘फैडेरल कोर्ट ऑफ इंडिया’) का नाम 1950 में बदलकर सर्वोच्च न्यायालय (‘सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया’) कर दिया गया

मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण भारत सरकार ने 26 जनवरी 1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया।

युद्ध में शहीद सैनिकों की याद में दिल्ली के इंडिया गेट पर 1972 में राष्ट्रीय स्मारक ‘अमर जवान ज्योति’ की स्थापना की गयी।

पूर्वोत्तर भारत में हवाई यातायात सुगम बनाने को ध्यान में रखते हुए 1981 में हवाई सेवा वायुदूत प्रारम्भ हुई।

पर्यटकों को विलासितापूर्ण रेल यात्रा का आनंद दिलाने के लिए 1982 में भारतीय रेल ने पैलेस ऑन व्हील्स सेवा शुरू की।

पाकिस्तान के रावलपिंडी में 1994 में प्रथम महिला पुलिस थाने का उद्घाटन।

महिलाओं के यौन शोषण पर विश्व सम्मेलन का बांग्लादेश के ढाका में 1999 में आयोजन।

सन 2000 में कोंकण रेलवे परियोजना पूर्ण हुई और प्रथम यात्री गाड़ी चलाई गयी।

गुजरात के भुज में 2001 में हुए जबरदस्त भूकंप में हजारों लोगों की जाने गयी।

2003 के गणतंत्र दिवस समारोह में ईरान के राष्ट्रपति ‘सैयद मोहम्म्द खातमी’ शामिल हुए।

माइक्रोसॉफ्ट अध्यक्ष बिल गेट्स को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने 2004 में ‘नाइट’ की उपाधि प्रदान करने की घोषणा की।

2008 में 59वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल ने परेड की सलामी ली।

एन.आर. नारायणमूर्ति को 2008 में फ्रांस सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑवर’ से सम्मानित किया गया।

भारत की पहली महिला राष्ट्रपति एवं क्रमानुसार १२वीं राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल ने 2010 में पद्म पुरस्कार पाने वाली 130 व्यक्तियों के नामों की घोषणा की। इनमें रंगमंच जगत् की किंवदंति इब्राहिम-अल-क़ाज़ी और जोहरा सहगल, ऑस्कर विजेता ए आर रहमान और रसूल पोकुटटी, मशहूर अदाकार रेखा और आमिर ख़ान, फार्मूला़ रेसर नारायण कार्तिकेयन, बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के गुरु रमाकांत आचरेकर और क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग शामिल हैं।

26 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1915 में भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी रानी गाइदिनल्यू का जन्म।

1923 में प्रसिद्ध कवि देवनाथ पाण्डेय ‘रसाल’ का जन्म।

1967 में भारतीय पार्श्वगायक प्रदीप सोमासुंदरन का जन्म।

26 जनवरी को हुए निधन

प्रसिद्ध कायचिकित्सक एडवर्ड जेनर की मृत्यु 1823 में हुयी।

भारत के स्वतंत्रता-संग्राम के राष्ट्रवादी क्रान्तिकारी मानवेन्द्र नाथ राय की मृत्यु 1954 में हुयी।

स्वतंत्रता सेनानी माधव श्रीहरि अणे की मृत्यु 1968 में हुयी।

प्रख्यात इतिहासकार विलियम दाएकिन की मृत्यु 2005 में हुयी।

पंजाबी, हिंदी और उर्दू भाषाओं में लिखने वाले प्रसिद्ध साहित्यकारक करतार सिंह दुग्गल की मृत्यु 2012 में हुयी।

26 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

गणतंत्र दिवस

Web Title: There were 22 committees in the constitution building of India ( Hindi News From Newstimes)


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