छात्रवृत्ति घोटाले में उन्नाव के 13 अफसरों पर गिरी गाज, रिपोर्ट दर्ज


DEEP KRISHAN SHUKLA 06/02/2019 12:41:23
66 Views

Lucknow. राजधानी के पड़ोसी जिले छात्रवृत्ति घोटाले में जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू ने 2001 से 2010 के बीच तैनात रहे जिला समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों समेत 13 अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके साथ बांगरमऊ ब्लॉक के 33 स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रबंधक, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, ग्राम्य विकास अधिकारी व सभासदों को भी नामित किया गया है। कार्रवाई की जद में आने वाले सभी पर अमानत में खयानत, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गयी है। 

chhatravritti ghotale me unnao ke 13 afsaron par giri gaaj, report darj
इकोनामिक आफेंस यूनिट के डीजी आरपी सिंह के मुताबिक राजधानी के पड़ोसी जनपद उन्नाव के 16 ब्लॉकों में हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच वर्ष 2015 में ईओडब्ल्यू को सौंपी गयी थी। जिसमें बांगरमऊ ब्लॉक की जांच पूरी होने पर घोटाले के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई गयी है। 9 अन्य मामलों की जांच पूरी कर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गयी है जबकि 8 मामलों की जांच अभी भी चल रही है। 

chhatravritti ghotale me unnao ke 13 afsaron par giri gaaj, report darj
इकोनामिक आफेंस यूनिट ने सन 2001 से 2010 के बीच उन्नाव के बांगरमऊ विकास खण्ड के 33 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जांच की। इस जांच में विभिन्न योजनाओं से मिली अनुदान धनराशि व पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई। जांच अधिकारियों के मुताबिक तत्कालीन अधिकारियों द्वारा स्कूलों के साथ मिलकर 8 लाख 56 हजार 580 रुपये का गबन के प्रमाण मिले है। 
  ये अधिकारी व कर्मचारी आए कार्यवाही की जद में
छात्रवृत्ति घोटाले में जो 13 अधिकारी व कर्मचारी कार्रवाई की जद में आए है उनमें तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज प्रसाद, हरिराज राम, वीके सिंह, एनएन द्विवेदी, एमपी सिंह, प्रताप देव, एमएल कन्नौजिया, एस जे फारूकी, यादवेंद्र सिंह, ऊषा रानी जायसवाल और राकेश रमन शामिल है। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों में तत्कालीन अधिकारी वीसी श्रीवास्तव व यादवेंद्र सिंह, तत्कालीन पटल सहायक शैलेंद्र श्रीवास्तव, देवी दयाल यादव, लाल सिंह, अनिल कुमार, शिशुपाल सिंह, संजय बनौधा, संतोष कुमार, चंद्रभूषण मिश्रा, सुखेंद्र सिंह और रमेश चंद्र मिश्रा के नाम शामिल है। इन पर ईओडब्ल्यू ने अमानत में खयानत, अपराधिक साजिश व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। 

chhatravritti ghotale me unnao ke 13 afsaron par giri gaaj, report darj
  मेरठ व इटावा में ही 15 करोड़ की हेराफेरी आयी सामने
वर्ष 2001 से 2010 के बीच प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ मेरठ और इटावा में ही 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी सामने आयी। मेरठ, इटावा व कानपुर इन तीन जिलो के 125 से ज्यादा मामले ईओडब्ल्यू दर्ज कर चुका है। कई मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। प्रदेश सरकार ने तकरीबन 3 साल पहले ईओडब्ल्यू को मामले की जांच सौंपी थी। जिनमें इटावा, मेरठ व कानपुर जिलों में बड़े पैमाने पर गबन की शिकायते सामने आयी थी।

यह भी पढ़े... मांगों पर सकारात्मक विचार के आश्वासन पर अन्ना का अनशन समाप्त

 

 

 

Web Title: chhatravritti ghotale me unnao ke 13 afsaron par giri gaaj, report darj ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया