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लखनऊ के डा. जाकिर अली 'रजनीश' को भारत सरकार करेगी पुरस्कृत


RAJNISH KUMAR 08/02/2019 16:04:02
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Lucknow. बच्चों में वैज्ञानिक अभिरूचि पैदा करने के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार के लिए लखनऊ के जाने माने लेखक व साइंटिफिक वर्ल्ड के संपादक डा. जाकिर अली 'रजनीश' का नाम भारत सरकार ने चुना है। उन्हें इस पुरस्कार के रूप में स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र के साथ साथ दो लाख रुपए की नगद धनराशि प्रदान की जाएगी। 

dr zakir ali rajnish ko sarkar karegi puraskrit

बच्चों में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले डा. जाकिर देश के जाने माने रचनाकार हैं। वह अपनी विज्ञान कथाओं के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। वह बीते दो दशकों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने वाला साहित्य सृजन कर रहे हैं। अब तक उनकी आधा सैकड़ा से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके साथ ही वह देश की एकमात्र आई.एस.एस.एन. नंबर प्राप्त हिन्दी की लोकप्रिय ब्लाग पत्रिका 'साइंटिफिक वर्ल्ड' के सम्पादक हैं। इसके अलावा वह 'साइंस ब्लागर्स एसोसिएशन,' 'सर्प संसाद' व 'टेकगेप' नामक ब्लाक पत्रिकाओं के माध्यम से भी विज्ञान संचार की अलख जगा रहे हैं। 

गौरतलब हो कि डा. रजनीश 'तस्लीम'(टीम फार साइंटिफिक अवेयनेस आन लोकल इश्यूज इन इंडियन मासेस) संस्था के महासचिव भी हैं। यह संस्था विज्ञान संचार संबंधी सम्मेलन, गोष्ठी और कार्यशालाओं काआयोजन करती रहती है, जिनमें डा. रजनीश की महती भूमिका होती है। इस संस्था के आयोजनों से अब हजारों की संख्या में बच्चे लाभांवित हो चुके हैं। डा. रजनीश के लिए यह कोई पहला मौका नहीं है, जब उन्हें किसी पुरस्कार से नवाजा जा रहा हो। इससे पहले भी उन्हें उनके कार्यों व योगदान के लिए बाब्स अवार्ड (जर्मनी), कथा महोत्सव पुरस्कार, शारजाह (यू.ए.ई.) समेत तीन दर्जन से अधिक पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं। 

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  6 श्रेणियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देता है पुरस्कार

बता दें कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से प्रतिवर्ष इस क्षेत्र में प्रशंसनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं को 6 श्रेणियों में पुरस्कृत किया जाता है। प्रथम श्रेणी में पांच लाख का पुरस्कार दिया जाता है। जबकि शेष पांच श्रेणियों में प्रिंट मीडिया, बच्चों में विज्ञान लोकप्रियकरण, अनुवाद, परम्परागत माध्यम और इलेक्ट्रानिक मीडिया को दो-दो लाख रुपए के पुरस्कार दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों का वितरण प्रतिवर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर किया जाता है।

  इन्हें मिलेगा पुरस्कार

वर्ष 2018 के इन पुरस्कारों के लिए प्रिंट मीडिया के लिए मणिपुर के हुद्रम बीरकुमार सिंह, असम के मनींद्र कुमार मजूमदार, उड़ीसा की प्रोफेसर मानसी गोस्वामी को, बच्चों में विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए आंध्र प्रदेश की रूरल एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट सोसायटी, उत्तर प्रदेश के डा. राजकुमार व डा. जाकिर अली 'रजनीश' को पुरस्कृत किया जाएगा। अनुवाद की श्रेणी में प्रोफेसर मनीष रत्नाकर जोशी, परम्परागत माध्यम के लिए उत्तराखण्ड के डा. बृजमोहन शर्मा, राजस्थान की डा. सुनीता झाला, इलेक्ट्रानिक मिडिया के लिए असम के डा. अंकुरन दत्ता को सम्मानित किया जाएगा। इन सभी को दो दो लाख रुपए धनराशि के पुरस्कार दिए जाएंगे। खास बात यह है कि इस वर्ष मुख्य श्रेणी पुरस्कार के लिए किसी का चयन नहीं किया गया है।

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