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कर्मचारियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट नाराज: कहा, नई पेंशन अच्छी तो माननीयों को क्यों नहीं?


RAGHVENDRA CHAURASIA 09/02/2019 17:33:20
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Prayagraj. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली के लिए कर्मचारियों की हड़ताल पर राज्य सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की है। अदालत ने पूछा कि सरकार बिना कर्मचारियों की सहमति के उनका अंशदान शेयर में कैसे लगा सकती है और क्या सरकार असंतुष्ट कर्मचारियों से काम ले सकती है।

New pansion Ko Lekar Allahabad Naraj

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  नई पेंशन अच्छी तो माननीय की पेंशन पर क्यों नहीं लागू

इलाहाबाद कोर्ट ने कहा कि नई पेंशन जब इतनी अच्छी है तो माननीयों की पेंशन पर क्यों नहीं लागू किया जाता है। इसी के साथ कोर्ट में पेश कर्मचारी नेताओं को अपनी शिकायतें व पेंशन स्कीम की खामियों का ब्यौरा 10 दिन में पेश करने और सरकार को इस पर विचार कर 25 फरवरी तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया गया। 

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  यह आदेश जस्टिस सुधीर अग्रवाल की बेंच ने दिया

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजेंद्र कुमार की बेंच ने राजकीय मुद्रणालय कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हाईकोर्ट की कॉजलिस्ट न छपने और स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका कायम करते हुए दिया है।

कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि पुरानी पेंशन स्कीम की मांग मानने में दिक्कत क्या है। अगर शेयर में लगाने के बाद पैसा डूबा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। क्या सरकार को न्यूनतम पेंशन नहीं तय करनी चाहिए। कोर्ट में पेश कर्मचारी नेताओं के अधिवक्ता ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है। 2005 से नई पेंशन स्कीम लागू की गई है, जिस पर कर्मचारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इलाहाबाद कोर्ट ने स्प्ष्ट शब्दों में कहा कि सरकार लूट-खसोट वाली करोड़ों योजनाएं लागू करने में नहीं हिचकती और उसे 30 से 35 साल की सेवा के बाद सरकारी कर्मचारियों को पेंशन देने में दिक्कत हो रही है। 

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Web Title: New pansion Ko Lekar Allahabad Naraj ( Hindi News From Newstimes)


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