अब सरकार के लिए मुसीबत बने आवारा पशु


LEKHRAM MAURYA 19/02/2019 15:22:04
53 Views

LUCKNOW. आवारा गोवंश चार साल से किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं, लेकिन चुनाव आते ही सरकारों के लिए मुसीबत बन गए हैं। इसी का नतीजा है कि नया साल शुरू होते ही सरकार ने दो जनवरी को एक सप्ताह के अन्दर सभी गोवंश को गोसंरक्षण केन्द्रों में बंद करने का आदेश दे दिया। इसके बाद हर सप्ताह एक नया आदेश जारी होने लगा, जो क्रम आज तक जारी है।

 For the first time farmers are now made for the government.

कर्मचारियों पर भारी पड़ रहा डीएम का आदेश

डीएम के आदेश को जारी हुए पौने दो माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक आवारा पशु सड़कों और खेतों से गायब नहीं हो पाए हैं। जबकि डीएम ने लेखपालों, प्रधानों एवं सचिवों को 24 घंटे में सभी गोवंश को पशु आश्रय स्थलों में बंद न करवाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे रखी है, लेकिन यह नहीं सोचा कि पशु आश्रय स्थल बनाने में कितना समय लगेगा और क्या समस्याएं आएंगी।

 For the first time farmers are now made for the government.

दो महीने बाद भी नहीं मिली ​किसानों को आवारा पशुओं से निजात

किसानों का कहना है कि अभी भी सैकड़ों गोवंश खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और सरकार की व्यवस्था अपर्याप्त है। दूसरी ओर जो पशु आश्रय स्थल बन गए हैं, उनमें भूसा, पानी और छाया की व्यवस्था ही नहीं है। 

यही नहीं, खुले आसमान में पशुओं को रखा जा रहा है। इससे पशुओं का क्या हाल होगा। आप सोच भी नही सकते। किसी भी पशु आश्रय स्थल में हरे चारे की व्यवस्था नहीं है और खाने के ​लिए नियमित व्यवस्था भी अभी तक प्रधान नहीं कर सके हैं।

बदैयां और काकराबाद के पशु आश्रय स्थल मौसम के साथ बनेंगे समस्या

डीएम कौशलराज शर्मा के आदेश से घबराये लेखपाल एवं ग्राम पंचायत सचिव ने बदैंया में नदी के किनारे तालाब एवं खलिहान में गोशाला बनवा दिया। वहीं, काकराबाद में पशुचर की ऊबड़ खाबड़ जमीन पर किनारे खाईं खोद कर बीच में बलुई मिट्टी में तालाब बना दिया है और अब गेट लगाया गया है, जिसमें कही भी पेड़ नहीं हैं। 

 For the first time farmers are now made for the government.

ग्राम प्रधान शिव बालक ने कहा कि टीनशेड रखवाएंगे और पानी के ​लिए सरकारी नलकूप उसी में चलता रहेगा। इस बालू वाले पशु आश्रय स्थल में जब भीषण गर्मी पड़ेगी तो जानवरों का क्या हाल होगा। आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं। क्योंकि गर्मी में बालू इतनी गरम हो जाती है कि उसमें नंगे पैर खड़े नहीं हो सकते हैं।

वीडियो देखें हिन्दी में -  Lucknow Samachar Video

फिर भी अधिकारियों के आदेश पर कर्मचारी जल्दबाजी में जो निर्णय ले रहे हैं, वह गर्मी और बरसात में कितनी मुसीबत पैदा करेंगे? यह उसी समय समझ में आएगा।

Web Title: For the first time farmers are now made for the government. ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया