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सरकारी उपेक्षा की शिकार ​बीकेटी​ व लालडिग्गी गोरखपुर आईटीआई


LEKHRAM MAURYA 25/02/2019 13:39:45
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LUCKNOW. सरकार कौशल ​विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की बात कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। दरअसल, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र बक्शी का तालाब और लालडिग्गी प्रशिक्षण केन्द्र, गोरखपुर में व्यवसाय अनुदेशकों के पद ही रिक्त चल रहे हैं। अनुदेशक नहीं होने की वजह से प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। दोनों संस्थानों ने सरकार को पत्र लिख कर 2013 में नियुक्ति कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगी। अब ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के मामले में कितनी चिंतित रखती है। 

 Victims of government neglect BKT and Laldiggi Gorakhpur ITI

​उत्तर प्रदेश में दो ऐसे औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र हैं, जो समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित हैं। इनमें प्रशिक्षण का काम राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से होता है, जबकि प्रशासनिक कार्य समाज कल्याण विभाग देखता है। यहां 2004 से प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। इस समय बीकेटी में प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर छात्रावास अधीक्षक ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह तैनात हैं। जबकि गोरखपुर में केन्द्र प्रभारी दीपक त्रिवेदी तैनात हैं। 

1950 से संचालित बी.के.टी. और लालडिग्गी गोरखपुर के केन्द्रों पर पदों की रिक्तियों के कारण प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। बी.के.टी. के केन्द्र पर 29 पद अनुदेशकों के हैं, जिनमे से तीन पद फोरमैन और 26 पद व्यवसायिक अनुदेशक के स्वीकृत हैं। फोरमैन अनुदेशक के तीन पदों सहित 21 पद अनुदेशकों के रिक्त हैं। यहां 12 ट्रेड हैं, उनका प्रशिक्षण देने के लिए मात्र 8 अनुदेशक हैं। इनमे से कुछ के पास अतिरिक्त प्रभार है। 

15 लड़कियों के बैच को सिलाई सिखाने के लिए टर्नर को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। जबकि टर्नर को सिलाई के विषय में कोई जानकारी नहीं होती है। ऐसे में लड़कियां किस तरह सिलाई सीख रहीं हैं। यह जग जाहिर है। 

इसी तरह वायर मैन, फाउन्ड्री मैन, आर्मेचर वाइंडर, मैकेनिक मोटर विहैकिल, वेल्डर, सिविल टेक्नॉलाजी, इलेक्ट्रानिक्स के पद रिक्त होने से प्रशिक्षण का काम प्रभावित हो रहा है। यहां 327 छात्रों के लिए प्रशिक्षण की सीटें निर्धारित हैं, लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष में 211 सीटें ही भर पाईं।

 Victims of government neglect BKT and Laldiggi Gorakhpur ITI

14 वर्ष से ऊपर का कोई भी ले सकता है प्रशिक्षण

यहां प्रवेश के लिए पहले 18 से 25 वर्ष के बीच का होना अनिवार्य था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व सरकार ने इस आयु सीमा में परिवर्तन कर दिया। अब इसके लिए आयु सीमा कम से कम 14 वर्ष और अधिकतम कोई सीमा नहीं है। इसलिए अब कोई भी व्यक्ति, जो मेरिट में पास होगा वह प्रशिक्षण ले सकता है।

यहां आर्मेचर वाइंडर व नलकूप मैकेनिक की ट्रेडों की मान्यता समाज कल्याण विभाग से है। जबकि अन्य की मान्यता राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद से है। इसमें तीन ट्रेडों की योग्यता कक्षा 8 और बाकी ट्रेडों की योग्यता हाई स्कूल है, जिसमें कुछ के लिए साइंस होना जरूरी है। यहां 70 फीसदी छात्र अनुसूचित जाति, 15 फीसदी पिछड़ी जाति और 15 फीसदी सामान्य वर्ग के छात्रों को भर्ती करने का निर्देश है।

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प्रधानाचार्य का पद 2004 से रिक्त है। इससे पहले 1996 से 2003 तक बैगलॉक से चार पद भरे गए। इसके उसके बाद पदों को भरने के लिए सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। कर्मचारियों की सेवा नियमावली 1996 से शासन स्तर पर आज भी विचाराधीन है, जिस वजह से इन केन्द्रों पर भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। शासन की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

 Victims of government neglect BKT and Laldiggi Gorakhpur ITI

प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं मोनिका सिंह, पिंकी गौतम, अंजनी कश्यप और प्रकाशनी ने बताया कि उनको सिलाई सिखाने वाला कोई नहीं है, वह किताबों के सहारे सीख रही हैं। प्रशिक्षक न होने के कारण सभी छात्र नियमित सेन्टर नहीं आते हैं, क्योंकि उनको यहां आने से वह लाभ नहीं हो पा रहा है, जो उन्हें मिलना चाहिए। 

Web Title: Victims of government neglect BKT and Laldiggi Gorakhpur ITI ( Hindi News From Newstimes)


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