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भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता, जाने क्या है वजह


DEEP KRISHAN SHUKLA 28/02/2019 08:58:02
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New Delhi. पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन के बीच शुभ संकेत ​दिख रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी मसूद अजहर को ब्‍लैक लिस्‍ट करने का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि ​इस आतंकी के संगठन ने ही भारत में पुलवामा हमले को अंजाम दिया। जिसमें भारतीय अर्द्ध सैनिक बल सीआरपीएम के काफिले की बस को विस्फोटक से उड़ा दिया गया। 

Bharat ko mili badi kutnitik safalta, jane kya hai vajah
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समित को दिए गए प्रस्ताव में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मसूद अजहर के खिलाफ हथियार बैन, वैश्विक यात्रा पर प्रतिबंध लगाते हुए उसकी सम्पत्तियों को जब्त करे। 
वीटो पावर वाले इन तीन देशों ने मिलकर यह प्रस्ताव पेश किया है जिसे भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। 

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गौरतलब हो कि इससे पहले तीन बार संयुक्त राष्ट्र में पेश किया जा चुका है। बीते दस वर्षों में यह चौथा प्रस्ताव होगा जब इस दुर्दांत आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की मांग की जा रही है। 
संयुक्‍त राष्‍ट्र में इस बार पेश किया गया यह प्रस्ताव पाकिस्तान के मित्र देश चीन के रूख पर बहुत कुछ निर्भर करता है। 
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी हमले की गुरुवार को कड़े शब्दों में निंदा की थी पर वीटों पावर से लैस सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देश चीन ने अपने मंसूबे जाहिर कर शुक्रवार को ही जाहिर कर दिए थे। 
चीन ने इस आतंकी हमले में जैश ए मोहम्मद का हाथ होने के बयान को तवज्जों न देकर जाहिर कर दी ​है। 
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चीन ने कहा था कि जैश ए मोहम्मद का जिक्र सामान्य संदर्भ में हुआ जो किसी निर्णय को को पुख्ता नहीं करता है।

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