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10 सालों में यूपी के 5 सांसद हुए माला-माल, दस गुना तक बढ़ी संपत्ति


ABHIMANYU VERMA 02/03/2019 10:05 AM
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New Delhi. देश में सभी राजनीतिक पार्टियां को खुद को पाक-साफ बताने के साथ पारदर्शिता के दावे करती रही हैं। लेकिन इस पार्टियों के दावों की पोल खुलती हुई नजर आ रही है। यूपी में हुए 2004 से 2017 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव के नतीजों के विश्लेषण के आधार पर असोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट से साफ दिखाई देता है कि किस तरह से दागियों और धन्नासेठों से मोहब्बत जारी है। 

Association for Democratic Reforms Report 2019

एडीआर के फाउंडर मेंबर प्रफेसर त्रिलोचन शास्त्री और यूपी इलेक्शन वॉच के संयोजक संजय सिंह ने शुक्रवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2004 से 2017 के बीच हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 19,971 उम्मीदवारों और 1,443 सांसदों/विधायकों की पृष्ठभूमि का विश्लेषण रिपोर्ट में किया गया है। 

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रिपोर्ट के मुताबिक 2004 से 2017 तक यूपी से संसद और विधानसभा पहुंचने वाले 38% माननीयों की पृष्ठभूमि आपराधिक है। 23% पर हत्या, दंगा, हत्या के प्रयास, रेप जैसे गंभीर अपराधों के मुकदमे हैं। वहीं, बार-बार चुने जाने वाले सांसदों और विधायकों की संपत्ति में कई गुना तक बढ़ी है। 

Association for Democratic Reforms Report 2019

रिपोर्ट के अनुसार एसपी के 42%, भाजपा के 37%, बसपा के 34%, कांग्रेस के 35% और आरएलडी से चुनकर आए 21% प्रतिनिधियों ने अपने ऊपर आपराधिक मुकदमे घोषित किए हैं। विधानसभा बात की जाये तो 2012 में सर्वाधिक 45% दागी चुनकर आए थे जबकि 2007 और 2012 में यह आंकड़ा 35% रहा। 

वहीं, इस अवधि के दौरान 235 सांसदों की औसत संपत्ति 6.08 करोड़ रुपये है। पिछले तीन चुनावों में लगातार जीत हासिल करने वाले पांच सांसदों की माली हैसियत भी खूब बढ़ी है। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की संपत्ति 2004 के 55.38 लाख से करीब 16 गुना बढ़कर 2014 में 9.40 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की संपत्ति 13 गुना बढ़ी है।

इसके अलावा यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी की संपत्ति में लगभग 10 गुना का बढ़ी और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की संपत्ति भी पांच गुना बढ़ी है। 

Web Title: Association for Democratic Reforms Report 2019 ( Hindi News From Newstimes)


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