मुख्य समाचार
हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन  प्रियंका को लेकर चुनार पहुंची पुलिस; सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस समर्थक मौजूद नारेबाजी जारी लखनऊ में शिवसेना का सदस्यता अभियान शुरू  जिला पंचायत सदस्य पर प्लाट कब्जाने का आरोप, एंटी भूमाफिया पोर्टल पर शिकायत  टैंपो चालकों ने किया हंगामा, भाजपा सांसद के पुत्र के करीबियों और पुलिस पर लगा वसूली का आरोप  फोरम के आदेश की नाफरमानी लखनऊ डीएम को पड़ी भारी, वेतन रोकने के आदेश अजय कुमार लल्लू बोले - जमीनी विवाद नहीं, सामूहिक नरसंहार है घोरावल कांड जमीनी विवाद नहीं, सामूहिक नरसंहार है घोरावल कांड : अजय कुमार लल्लू सुरक्षा प्रबंध सराहनीय हैं, लेकिन मेरी सुरक्षा का दायरा कम से कम रखें : प्रियंका वाड्रा
 

चरैवेति-चरैवेति के सिंधी संस्करण का लोकार्पण


MOHD ATHAR RAZA 04/03/2019 11:01:39
69 Views

Lucknow. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक चरैवेति! चरैवेति! के सिंधी संस्करण ‘हलंदा हलो’ का लोकार्पण मुंबई राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव द्वारा किया गया।  

Maharashtra Governor made the release of Sindhi version of Ram Naik

महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने लोकार्पण समारोह में विचार व्यक्त करते हुये कहा कि नाईक की पुस्तक समाज सेवा एवं राजनीति में कार्य करने वालों के लिये गीता के समान है, जिसका बार-बार अध्ययन करना चाहिए। 

नाईक ने राजनीति को समाज सेवा का माध्यम बनाकर गरीब, जरूरतमंद, कुष्ठ पीड़ितों एवं महिलाओं के लिये बहुत कार्य किया है।

उन्होंने अपने जीवन में सदैव सामाजिक मुद्दों की राजनीति की है। वे मुंबई राजभवन में प्रतिनिधिमण्डल के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर जनसमस्याओं के बारे में अवगत कराते रहे है और उनके समाधान का सुझाव भी देते हैं।

उन्होंने कहा कि नाईक की सामाजिक मुद्दों से जुड़ी राजनीति के कारण 1986 में महाराष्ट्र के राज्यपाल  कोना प्रभाकर राव को त्याग पत्र तक देना पड़ा था।

Maharashtra Governor made the release of Sindhi version of Ram Naik

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि वह मुंबई से हैं और उनकी पुस्तक के सिंधी संस्करण का लोकार्पण मुंबई राजभवन में हो रहा है। 

नाईक ने कहा कि उनके सामाजिक एवं राजनैतिक जीवन में सिंधी भाषिक महानुभावों का बहुत प्रभाव रहा है। सिंधी लोग सदैव उनके लिये प्रकाश पुंज के समान रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जनसंघ के मुंबई अध्यक्ष झमटमल वाध्वानी से एवं विधायक रहते हुये नेता विधायक दल हशु आडवाणी से उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में बहुत सीखा है।

राज्यपाल ने कहा कि 1989 से सांसद रहे तो अटल जी एवं आडवाणी जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। उनकी पुस्तक का सिंधी में प्रकाशन का कार्यक्रम उन्हें बहुत समाधान देने वाला अवसर है। 

नाईक ने अपने संस्मरण संग्रह ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ पर प्रकाश भी डाला। अपने राजनैतिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे 3 बार विधायक एवं 5 बार सांसद रहे हैं।

उन्होंने विपक्ष में रहते हुये 1992 में संसद में राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ गायन की शुरूआत करायी। उनके प्रयास से 1993 में सांसद निधि की शुरूआत हुई।

1994 में मुंबई को उसका असली नाम दिलवाया जिसके बाद कई स्थानों के नाम परिवर्तित हुये। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और अयोध्या भी उसी बदलाव की कड़ी हैं।

अटल जी की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहते हुये उनके सुझाव पर 439 शहीदों के परिजनों को परिवार के पालन-पोषण के लिये सरकारी खर्च पर पेट्रोल पम्प और गैस एजेन्सी दी गयी। 

नाईक ने कहा कि मेरे प्रेरणा पुरूष पिता, सहयोगी एवं कार्यकर्ता रहे हैं तथा पुस्तक लिखने में उनकी पत्नी, बेटियों और शुभचिंतकों से उन्हें संबल मिला।

उन्होंने श्लोक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ की व्याख्या करते हुए कहा कि निरन्तर कर्म करते रहने से ही जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

लोकार्पण समारोह से पूर्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज्यपाल नाईक से भेंट तथा उन्हें पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!‘ के सिंधी संस्करण हेतु बधाई भी दी। राज्यपाल नाईक ने उन्हें पुस्तक की प्रति भेंट की।

लोकार्पण समारोह में महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े एवं भारतीय जनता पार्टी मुंबई के अध्यक्ष एवं विधायक आशिष शेलार, भारतीय सिन्धू सभा के अध्यक्ष लक्ष्मणदास चंदीरामानी, बांद्रा हिन्दू एसोसिएश्यान के अध्यक्ष डाॅ. अजीत मन्याल, सिंधी अनुवादक सुखराम दास सहित स्वयंसेवी संस्था स्पंदन आर्ट्स के पदाधिकारीगण एवं अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे।

Web Title: Sindhi version of Ram Naik's book Charayavati Charavetti ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया