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कीटनाशकों का कम से कम प्रयोग करें किसान: कौशल किशोर


LEKHRAM MAURYA 06/03/2019 16:51:57
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मलिहाबाद. मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर ने कहा कि किसानों ने यदि इसी तरह आम के पेड़ों पर कीटनाशकों का अन्धाधुन्ध प्रयोग जारी रखा तो वह दिन दूर नहीं ​जब मलिहाबाद से आम समाप्त हो जाएगा। इसलिए वैज्ञानिकों द्वारा बताई गयी मात्रा के अनुसार ही आम की फसल में कीटनाशकों का प्रयोग करें। 

कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से समाप्त हो सकता है आम—कौशल किशोर

भाजपा सांसद कौशल किशोर उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा में आयोजित दो दिवसीय मंडलीय किसान गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संडीला, मोहान, बाराबंकी के ​बागवान कम दवा का छिड़काव करते हैं, इसके बावजूद उनकी फसल अच्छी होती है। इसलिए हमारे क्षेत्र के किसानों को भी कम से कम दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। 

उन्होंने  कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वह भारत सरकार को पत्र लिखेंगे। उन्होंने किसानों से पूछा, कितने लोगों ने प्रधानमंत्री का भाषण टीवी पर देखा या सुना था। इसके जवाब में एक किसान ने हाथ उठाकर कहा​ कि उसने देखा था। उन्होंने कहा​ कि आय दोगुनी करने के लिए किसानों को अच्छी खाद, बीज की आवश्यकता होती है। इसके लिए सरकार प्रयासरत है।

उद्यान निदेशक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार ने ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धति से सिंचाई करके लोग कम पानी में अच्छी फसल उगा सकते हैं। इसके लिए सरकार 90 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। 

किसानों को फ्री में मिलेंगे प्लास्टिक क्रेट्स

मंडी सचिव नरेन्द्र कोहली ने कहा​ कि सरकार ने इस साल किसानों को नि:शुल्क प्लास्टिक क्रेट्स और प्लास्टिक सीट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसका वितरण भी शुरू हो गया है।

किसानों को इसके लिए एक शर्त पूरी करनी होगी। किसी भी किसान को मंडी में बेचे गए माल की रसीद 6 आर होना चाहिए। गोष्ठी को निदेशक सीआईएसएच डौ. शैलेन्द्र राजन ने भी सम्बोधित किया।

दूसरे दिन तकनीकी सत्र में आईसीएआर-सीआईएसएच के वैज्ञानिकों ने विभिन्न जिलों में भूमिगत जल के महत्व, जल संरक्षण के तरीकों और भूजल स्तर अलग-अलग बातचीत की। 

डॉ एस.आर. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक ने फर्टिगेशन के महत्व पर व्याख्यान दिया। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. दिनेश कुमार ने ड्रिप सिंचाई प्रणाली के विभिन्न घटकों को समझाया। 

वैज्ञानिक डॉ वी.के. सिंह ने बागवानी में सूक्ष्म सिंचाई का समग्र उपयोग पर प्रकाश डाला, जबकि इंजीनियर वर्मा ने सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के रखरखाव एवं मरम्मत के बारे में जानकारी दी।

कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से समाप्त हो सकता है आम—कौशल किशोर 

सूक्ष्म सिंचाई पर विभिन्न जिलों के किसानों की सफलता की कहानी प्रस्तुत की गई। वैज्ञानिकों द्वारा ड्रिप सिंचाई से संबंधित शंकाओं का निवारण किया गया ।

प्रायोगिक स्थल में सजीव प्रदर्शन देखने के पश्चात किसानों, अधिकारियों और वैज्ञानिकों के बीच में विचार-विमर्श सत्र हुआ| 

संगोष्ठी का एक विशेष महत्व है, क्योंकि इस अवसर पर अधिक से अधिक किसान नई जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी समस्याओं की चर्चा वैज्ञानिकों एवं दूसरे किसान साथियों के साथ कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम में ड्रिप पद्धति को बढ़ावा देने में सहायता की है, जिसके कारण  प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत प्रति बूंद अधिक फसल कार्यक्रम के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ड्रिप सिंचाई  के उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

वीडियो देखें हिन्दी में -  Lucknow Samachar Video

इससे पूर्व अवध आम उत्पादक समिति के महासचिव उपेन्द्र सिंह ने किसान वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें समिति ने वैज्ञानिकों को सम्मानित किया।

Web Title: keetnashak ka kam se kam prayog karen kisan ( Hindi News From Newstimes)


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