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अपनों के बीच दागियों को नहीं खोज पा रही थी पुलिस


GAURAV SHUKLA 14/03/2019 13:49:59
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Lucknow. सहादतगंज में तेल व्यवसायी श्रवण साहू को फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश के तहत चार बेगुनाहों को शूटर बता जेल भेजने के मामले में पुलिस बर्खास्त दरोगा धीरेंद्र शुक्ला और सिपाही अनिल सिंह को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है, लेकिन सरकारी आवास से ही धीरेंद्र की गिरफ्तारी और पुलिस रिकॉर्ड में फरार सिपाही अनिल का लगातार अपनी गतिविधियां फेसबुक के जरिए पोस्ट करना जिम्मेदारों पर ही सवाल खड़ा कर रहा है। 

Apradhnama dagiyo ko apno ke beech nahi khoj parhi police
गौरतलब है कि राजधानी की पुलिस लगातार पूरे जनपद में किरायेदारों के सत्यापन को लेकर मुहिम चला रही है, लेकिन सरकारी आवास से ही फरार इनामी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी ने इस अभियान के संदर्भ में चिराग तले अंधेरे की कवाहत को चरितार्थ कर दिया है।

पुलिस इतना बेखबर है कि उसे थाना परिसर स्थित आवास में ही रह रहे इनामी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, जो पुलिस दूसरों को जागरुक करने को लेकर अभियान चलाती है, उसके सहकर्मी ही उस फरार बर्खास्त सिपाही के फ्रेंडलिस्ट में होने के बावजूद मौन रहे, जिसके जरिए सिपाही अपनी समस्त गतिविधियों को पोस्ट कर रहा था और बाकि अन्य लोगों ने तो जैसे उस और खोज बीन करना भी उचित ही नहीं समझा।

ज्ञात हो कि हिस्ट्रीशीटर अकील अंसारी की ओर से ही जनवरी 2017 में श्रवण साहू को फर्जी मुकदमे में फंसा चार बेगुनाहों को शूटर बता जेल भेजने की कहानी की पटकथा लिखी गयी थी, जिसके बाद दरोगा धीरेंद्र शुक्ला ने सिपाही अनिल और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर असलहों के साथ युवक की गिरफ्तारी दिखाई थी। अपनी कहानी में पुलिस ने उन्हें सीरियल किलर सलीम, रुस्तम औऱ सोहराब का शूटर बता अकील की हत्या के लिए श्रवण साहू की ओर से सुपारी दिये जाने की पटकथा सुनाई। इस साजिश का खुलासा होने पर उस दौरान मौजूदा एसएसपी मंजिल सैनी ने 19 जनवरी, 2017 को धीरेंद्र यादव, अनिल सिंह की बर्खास्तगी का आदेश दिया। जबकि दरोगा धीरेंद्र शुक्ला की बर्खास्तगी के लिए डीआईजी ने संस्तुति की।

Apradhnama dagiyo ko apno ke beech nahi khoj parhi police

बदलते रहे कप्तान लेकिन बेफ्रिक रहे बर्खास्त पुलिसकर्मी

पुलिसकर्मियों की करतूत सामने आने के बाद तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने धीरेंद्र शुक्ला, धीरेंद्र यादव और अनिल सिंह की बर्खास्तगी का आदेश दिया। जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मी निलंबित और चार लाइनहाजिर किये गये। मामले में क्षेत्राधिकारी को विवेचना सौंपी गयी, लेकिन बर्खास्त दरोगा अलीगंज थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में जमा रहा। 

बता दें कि नियमानुसार पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाले जाने के बाद उनके परिवार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीन माह के भीतर आवास खाली करवा लिया जाता है, लेकिन इस मामले में कप्तान के बदलनें के साथ ही अनदेखी लगातार जारी रही। 19 जनवरी 17 को कप्तान मंजिल सैनी की द्वारा बर्खास्तगी के बाद उनका तबादला अप्रैल 2017 में हुआ।

फिर राजधानी के कप्तान बने दीपक कुमार ने भी फरार आरोपियों की तलाश के आदेश दिये। लेकिन जुलाई 2018 को उनका भी तबादला हो गया औऱ आरोपी आवास पर ही जमा रहा। कमान एसएसपी कलानिधि नैथानी द्वारा संभाले जाने के बाद जनवरी 19 में फरार तीनों पुलिसकर्मियों पर इनाम घोषित किया गया। इस दौरान भी जिम्मेदार धीरेंद्र शुक्ला के सरकारी आवास पर ही जमे होने की खबर से बेखबर रहे। 

Web Title: Apradhnama dagiyo ko apno ke beech nahi khoj parhi police ( Hindi News From Newstimes)


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