मुख्य समाचार
हंगामे की भेंट चढ़ा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन  प्रियंका को लेकर चुनार पहुंची पुलिस; सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस समर्थक मौजूद नारेबाजी जारी लखनऊ में शिवसेना का सदस्यता अभियान शुरू  जिला पंचायत सदस्य पर प्लाट कब्जाने का आरोप, एंटी भूमाफिया पोर्टल पर शिकायत  टैंपो चालकों ने किया हंगामा, भाजपा सांसद के पुत्र के करीबियों और पुलिस पर लगा वसूली का आरोप  फोरम के आदेश की नाफरमानी लखनऊ डीएम को पड़ी भारी, वेतन रोकने के आदेश अजय कुमार लल्लू बोले - जमीनी विवाद नहीं, सामूहिक नरसंहार है घोरावल कांड जमीनी विवाद नहीं, सामूहिक नरसंहार है घोरावल कांड : अजय कुमार लल्लू सुरक्षा प्रबंध सराहनीय हैं, लेकिन मेरी सुरक्षा का दायरा कम से कम रखें : प्रियंका वाड्रा
 

#RIP Manohar Parrikar: जब RSS ने पर्रिकर को दिलाई थी राजनीति में एंट्री, कुछ इस तरह बने गोवा के CM


SUJEET KUMAR 18/03/2019 10:20:21
112 Views

Lucknow. लंबे वक्त से कैसर से जंग लड रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार की शाम को निधन हो गया। वह 63 साल के थे। पर्रिकर देश के सबसे ईमानदार और बेदाग छवि वाले नेताओं में से एक थे। पर्रिकर देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जिन्होंने आईआईटी से ग्रेजुएशन किया थी। उन्होंने 1978 में आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। 

goa cm manohar parrikar passed away

पर्रिकर ने 26 साल की उम्र में आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दामन थामा था। आरएसएस ने उन्हें गोवा में उनके गृह नगर मपूसा का संघचालक नियुक्त किया गया था। वहीं 1990 में उन्होंने रामजन्म भूमि आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। पर्रिकर गोवा में इस आंदोलन की कमान संभालने वाले प्रमुख लोगों में से एक थे। 

goa cm manohar parrikar passed away

पर्रिकर की सक्रिय राजनीति में एंट्री आरएसएस की वजह से हुई। आरएसएस ने ही उन्हें भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी में एंट्री दिलाई थी। पहली बार गोवा में वह 1994 में दूसरे सदन के लिए चुने गए।

इसके बाद धीरे-धीरे उनका कद तेजी से बढ़ता गया और 1999 में वो गोवा में नेता प्रतिपक्ष बने। इसके बाद 24 अक्टूबर 2000 को उन्होंने पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

goa cm manohar parrikar passed away

इसके बाद भी पर्रिकर गोवी की पहली पसंद बने। यहीं कारण था की गोवा में उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यही नहीं वह भाजपा की तरफ से गोवा के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले नेता भी थे।

इसके बाद साल 2014 में जब मोदी सरकार बनी तो उन्हें केंद्र की सरकार में एंट्री मिली जहां उन्हें देश का रक्षामंत्री बनाया गया। रक्षामंत्री के रूप में दो साल लंबे कार्यकाल में उन्होंने सालों से पेंडिंग पड़े राफेल विमान सौदे को अंतिम दौर तक पहुंचाया।

इसके बाद गोवा विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद छोटे दलों को साथ लाने के लिए पर्रिकर को गोवा वापस लौटना पड़ा और वो तब से लेकर अपने देहांत तक इस पद पर बने रहे। देश के रक्षामंत्री का पद संभालने के बाद बाद उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का सदस्य चुना गया था। 

यह भी पढ़ें...गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन, कैंसर से थे पीड़ित

अपनी जिंदगी को बेहद ही सादगी से जीने वाले पर्रिकर का जन्म गोवा के मपूसा में 13 दिसंबर 1955 को गौड़ सारस्वत ब्राम्हण परिवार में हुआ था।

उनकी शुरुआती शिक्षा गोवा के लोयला हाई स्कूल में हुई। मराठी भाषा में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन के लिए आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लिया। 

वह एक ऐसे मुख्यमंत्री थे जिनसे कोई भी व्यक्ति मुलाकात कर सकता था। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मनोहर पर्रिकर सायकिल और स्कूटर पर सफर करते थे और कभी भी लोगों के बीच उनकी राय जानने पहुंच जाते थे। उन्हें गोवा में किसी भी जगह आम नागरिक की तरह घूमते देखा जा सकता था। 

 

Web Title: goa cm manohar parrikar passed away ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया