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पशु आश्रय स्थल में मवेशियों को नहीं मयस्सर हो पा रहा चारा


DEEP KRISHAN SHUKLA 19/03/2019 13:41:40
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Unnao. सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हों लेकिन हकीकत के धरातल पर तस्वीर कुछ और ही नजर आ रही है। ताजा मामला उन्नाव जिले के औरास विकास खण्ड क्षेत्र का है। यहां सरकारी गौशाला में मवेशियों को चारा तक मयस्सर नहीं हो पा रहा है। उनको सड़ी गली सब्जियां खाकर अपना पेट भरना पड़ रहा है। 

pashu ashray sthal me maveshiyon ko nahi mayassar ho pa raha chara
मालूम हो कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों आदेश जारी हर जिले, तहसील और ब्लाक में गौशाला बनवाने के आदेश दिए थे। 
आवार पशुओं की समस्या से निजात पाने की दिशा में इसे एक सहानहीय कदम बताया जा रहा था लेकिन शुरूआती दिनों में ही इस आदेश की हवा निकल गयी। 
आवारा मवेशियों जहां सड़कों पर छुट्टा घूम रहें हैं तो वहीं इन पशु आश्रय स्थलों में बंद मवेशी अपनी दुर्दशा पर आंशू बहा रहे हैं। 
आलम यह है कि अन्य सहूलियतें तो दूर इन्हें भरपेट चारा तक नहीं मिल पा रहा है। उन्नाव के औरास विकास खण्ड औरास के शरीफाबाद गांव में निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल है। 
यहां तकरीबन आधा सैकड़ा से अधिक गोवंशीय पशु रखे गये हैं। जिनमें वयस्क गाय, बैलों के साथ बछड़े भी है। इन मवेशियों को चारे का भूंसा तक नहीं मिल पा रहा है। 

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आश्रय स्थल के कर्ताधर्ता इन मवेशियों को बंदगोभी जैसी सब्जियों के सहारे जिन्दा रखने का प्रयास कर रहे हैं। 
आश्रय स्थल की रखवाली करने वाले रामजीवन व रामसकल ने बताया कि गेंहू का भूसा करीब पंद्रह सौ रूपये कुन्तल है मजबूरी में किसानों से बंदगोधी खरीदकर लायी जा रही है। 
बता दें कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बंद गोभी की पैदावार होती है। यहां से प्रतिदिन बंदगोभी ट्रकों और डीसीएम से दिल्ली और हरियाणा भेजी जाती है। 
इस बार अत्यधिक पैदावार और मांग में कमी के चलते किसानों को अपने खेत खाली करने हैं। अगर इन्हें गौशाला न भी ले तो भी उनके पास इसे फेंकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। 

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