चीन को चुनौती-श्रीलंका में भारतीय कंपनी ने बढ़ाया निवेश


SUJEET KUMAR 22/03/2019 15:06 PM
53 Views

New Delhi. भारत के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करने वाले चीन को भारत ने बड़ी चुनौती दी है। ये चुनौती सरहद पार श्रीलंका की जमीन पर दी गई है।  

china news china vs india sri lanka news today news in sri lanka top News In India

श्रीलंका में अब तक के भारत के सबसे बड़े निवेश की घोषणा से चीन में चिंता बढ़ गई है। अब तक चीन सभी पड़ोसी देशों में अपनी दखल बढ़ाने की रणनीति के तहत कदम बढ़ाता जा रहा था, लेकिन अब भारत के कदम ने उसकी पेशानी पर बल ला दिए हैं।

भारत ने अपने अहम पड़ोसी देश श्रीलंका में भारतीय कारोबारी समूह अकॉर्ड ग्रुप के साथ ओमान के तेल मंत्रालय की साझीदारी में संयुक्त उद्यम के तहत 3.85 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की। जिसके तहत श्रीलंका में तेल रिफाइनरी स्थापित की जाएगी। 

चीन की चाल को चुनौती

दरअसल श्रीलंका के मीडिया में श्रीलंका के विकास रणनीति और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्रालय के उप-मंत्री नलिन बांदरा के हवाले से बयान प्रकाशित गया है कि ओमान के तेल मंत्रालय और भारत के अकॉर्ड समूह के स्वामित्व वाले सिंगापुर स्थित निवेश निकाय ने एक तेल रिफाइनरी लगाने पर सहमति जताई है. इसे श्रीलंका में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश बताया जा रहा है। गौरतलब है कि श्रीलंका के बढ़ते विदेशी कर्ज की अदलाबदली के जरिए चीन ने गुपचुप तरीके से श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह को 99 साल के पट्टे पर लिया है। चीन के श्रीलंका में बड़े निवेश के कदम के बाद भारत के इस कदम पर दोनो तरह बहसमुबाहिसा चालू है।

यह भी पढ़ें...केमिकल विस्फोट में 44 की मौत, 640 घायल

चीन की बेबस सफाई

भारत की घोषणा के बाद गुरूवार को चीन ने कहा कि श्रीलंका में भारत के बड़े निवेश के फैसले से वह परेशान नहीं है। चीन ने दावा किया है कि वह इतनी संकीर्ण सोच नहीं रखता है कि इसका विरोध करे। श्रीलंका में तेल रिफाइनरी लगाने में भारत के निवेश के बारे में चीन की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग सुआंग ने संवाददाताओं से कहा कि द्वीपीय देश में भारत के निवेश को लेकर बीजिंग खुला नजरिया रखता है। 

प्रवक्ता ने कहा, "फिलहाल मेरे पास संबंधित सूचना नहीं है लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि चीन और श्रीलंका के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग है जिसके ठोस परिणाम रहे हैं. जहां तक श्रीलंका में भारत के निवेश की बात है हम इस पर खुला नजरिया रखते हैं. हम जहां श्रीलंका के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं, तो चीन इतना भी सीमित सोच वाला नहीं है जैसा कि आप सोचते हैं." 

श्रीलंका में चीनी निवेश का बहीखाता

पिछले कई सालों से श्रीलंका में चीन का निवेश बढ़ता हुआ आठ अरब डॉलर तक पहुंच गया जिससे कोलंबो पर विदेशी कर्ज के बोझ का दबाव बढ़ गया। इसके जवाब में कर्ज अदला बदली के तहत श्रीलंका का हंबनटोटा बंदरगाह चीन को दिये जाने को लेकर कई देशों ने चिंता जताई। विशेषकर अमेरिका ने इसे छोटे देशों के ऋण जाल के तौर पर देखते हुये सतर्क किया है। भारत भी श्रीलंका की मजबूरी का चीन के फायदा उठाने की रणनीति के मद्देनजर श्रीलंका के साथ भारत के रिश्तों की बुनियाद का विस्तार किया है।

Web Title: indian company sri lanka china ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया