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अब आनलाइन जानिए कहां आचमन के लायक है गंगाजल


DEEP KRISHAN SHUKLA 24/03/2019 12:55:47
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Kanpur. सेटेलाइट आधारित मैपिंग सिस्टम के जरिए अब आप अपने मोबाइल के जरिए यह पता लगा सकेंगे कि गंगा जल की गुणवत्ता कहां पर कैसी है। मसलन गंगाजल आचमन के योग्य है कि नहीं, इसकी सटीक जानकारी पाना अब बेहद ही आसान हो गया है। 

Ab Online janiye, Kahan Achman Layak Hai Gangajal
यह सब संभव हुआ है सेंसरयुक्त उपकरणों की मदद से अब सेटेलाइट के जरिए गंगाजल की गुणवत्ता की निगरानी के जरिए। गंगा जल के ताजा हालात और प्रदूषण का डेटा आनलाइन तैयार हो रहा है। 
खास बात यह है कि डेटा आटोमैटिक अपडेट होता है। गूगल अर्थ पर काम करने वाला इस सिस्टम को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुंभ के दौरान लांच किया था। इसके जरिए हर घाट पर गंगा की स्थिति देखी जा सकती है। 

यूपीपीसीबी के मुख्य पर्यावरण अधिकारी के मुताबिक, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आनलाइन गूगल मैपिंग से गंगा जल गुणवत्ता कहा पर कैसी है, इसकी जानकारी की जा सकती है। 

गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक हो रही निगरानी

गंगा की सेटेलाइट मैपिंग में गंगोत्री से लेकर उलूबेरिया (हावड़ा कोलकाता) तक 1955.9 किलोमीटर के दायरे में की गई है। इस मैपिंग में पानी में मौजूद अपशिष्ट और रंग की जानकारी दी गई है।

गंगा के पानी को तीन वर्गों में बांट कर निगरानी की जा रही है। उसी आधार पर पानी की गुणवत्ता की व्याख्या निर्धारित की गयी है।

मसलन जहां पानी का रंग हरा है, वहां पानी कीटाणुशोधन के बाद पीने योग्य है। जहां पानी का पीला रंग दिख रहा है वहां दो बार शोधन कर उसे पिया जा सकता है। जिस जगह पर पानी का रंग लाल नजर आता है, वहां आधुनिक तरीके कई बार शोधित कर ही उसका आचमन किया जा सकता है।

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Web Title: Ab Online janiye, Kahan Achman Layak Hai Gangajal ( Hindi News From Newstimes)


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