जानिए अब तक के लोकसभा चुनावों में किस पार्टी का क्या रहा प्रदर्शन


ARCHANA PANDEY 31/03/2019 13:07:52
62 Views

New Delhi. देश में लोकसभा चुनाव 2019 की तारिख धीरे-धीरे नजदीक आ रही है। इस 17वीं लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज के लिए सभी राजनीतिक पार्टीयां अपने कार्यकाल में किए गए कामों का बखान करने के साथ-साथ, आगे अच्चे प्रदर्शन की बात कहकर लोगों को खूब लुभाने में जीतोड़ मेहनत कर रहीं हैं। अब चुनावों में कौन जीत दर्ज करेगा, कौन अपनी सरकार बनाएगा। ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन अब तक के लोकसभा चुनावों में किस पार्टी का क्या प्रदर्शन रहा है। ये कुछ इस प्रकार है। 

Know what happened to the party in the Lok Sabha elections so far
कुल 0.3% सीटें जीतने वाली भाजपा को 2014 में मिली 52% सीटें 
आपको बता दें कि पहले लोकसभा चुनावों से लेकर 16 वें चुनावों तक सभी राजनीतिक पार्टियों को मिली सीटों में कापी अंतर आया है।1952 में हुए पहले आम चुनावों को जीतकर सत्ता में आने वाली कांग्रेस की सीटें 90% से घटकर 8% फीसदी पर आ गई है, वहीं जनसंघ के जनता पार्टी में विलय और फिर इसके टूटने के बाद 1980 में अस्तित्व में आई भारतीय जनता पार्टी की सीटें 1984 से 2014 के बीच 0.3% से बढ़कर 52%  फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं पहली बार वाम दलों ने 2004 में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। 


2014 के चुनावों में द्रमुक और बसपा ने जीरों और सपा ने 5 सीट के सात सबसे खराब प्रदर्शन था। इसके साथ ही अन्नाद्रमुक ने 37 सीटों और तृणमूल ने 34 सीटें जीतकर मोदी लहर के बावजूद  चुनाव में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

2014 में चुनावी इतिहास में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन 
पहले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को 401 में से 364 यानी 90 फीसदी, दूसरे में 403 में से 371, 92 फीसदी, और तीसरे में 543 में से 415, 76 फीसदी सीटें मिली थी। लेकिन इसके बाद कांग्रेस की सीटों का ये आकड़ा गिरता चला गया।  2009 में सिर्फ एक बार कांग्रेस मे 200 का आंकड़ा पार कर 206 सीटें जीती थी। 16 वीं लोकसभा चुनाव 2014 देश के चुनावी इतिहास में कांग्रेस का यह सबसे खराब प्रदर्शन था। कांग्रेस इस चुनाव में महज 44 सीटों जीत दर्ज कर 90 फीसदी से गिरकर 8 फीसदी पर आ गई थी। 
यह भी पढ़े...आचार संहिता उल्लंघन : केंद्रीय मंत्री का एसडीएम से बदतमीजी का वीडियो वायरल

10 साल में भाजपा की सीटें हुई दोगुनी 
दुसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी जिसने 1984 में पहला चुनाव लड़ा था और महज 2 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद1989 के चुनावों में जीत के लिए भाजपा ने नेशनल फ्रंट सरकार को समर्थन दिया, राम मंदिर का मुददा उठाया और 86 यानी 15 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं 1991 में दोबारा चुनाव हुए और भाजपा की सीटें बढ़कर 120 यानी 22% फीसदी हो गईं। बता दें 1999 तक हुए चुनावों में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 182 हो गई। लेकिन  2004, 2009 के चुनावों मे सीटें घटकर 116 ही रह गई। इसके बाद 2014 में भारतीय जनता पार्टी अबतक की सबसे ज्यादा 282 यानी 52% फीसदी सीटों पर जीत दर्ज की। 
यह भी पढ़े...सस्पेंस खत्म, दो सीट से चुनाव लड़ेंगे राहुल गांधी

दो साल में शीर्ष पर पहुंची जनता पार्टी 
1977 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में इंदिरा विरोधी कई दलों ने एकजुट होकर जनता पार्टी बनाई। इसमें जनसंघ, भारतीय लोकदल, कांग्रेस (ओ) जैसी प्रमुख पार्टियां शामिल थीं। महज 2 साल में ही जनता पार्टी अपने अर्श से फर्श पर पहुंच गई। इसी बीच नेताओं में मतभेद हुए और पार्टी टूट गई। मोरारजी देसाई को पद छोड़ना पड़ा और चौधरी चरण सिंह कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बने। जनता पार्टी के टूटने के बाद बड़े चेहरों ने अपने-अपने दल बनाए। इसके बाद पार्टी को किसी भी चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली और 2013 में पार्टी का भाजपा में विलय हो गया।
यह भी पढ़े...बिहार के छपरा में ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस के 10 डिब्बे से पटरी से उतरे

पहले ही चुनाव में जनता दल ने बनाई सरकार

1988 में जनता दल की नींव रखी गई। वीपी सिंह ने जन मोर्चा, जनता पार्टी, लोकदल और कांग्रेस-एस को एकजुट कर यह पार्टी बनाई थी। 1989 के चुनावों में पार्टी 143 सीटें हासिल हुईं और भाजपा और लेफ्ट के समर्थन से जनता दल की सरकार बनाई गई। 1996 के चुनाव के बाद जनता दल टूटने लगा और 1999 के चुनाव के पहले पार्टी पूरी तरह खत्म हो गई। 

Web Title: Know what happened to the party in the Lok Sabha elections so far ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया