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यहां त्यौहार के रूप में मनाया जाता है देवी का मासिक धर्म


SONALI GAUNIYAL 06/04/2019 12:38:25
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Lucknow. भारत में नवरात्र काफी धूम-धाम से मनाया जाता है। नवरात्र के समय देश के अहम शक्तिपीठों में जाकर पूजा करने का काफी महत्व है। हिंदू मान्यता के अनुसार, शक्तिपीठ वे जगहें हैं जहां देवी सती के शरीर के हिस्से गिरे थे। कामाख्या देवी मंदिर भी देश के अहम शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि कामाख्या मंदिर सती देवी की योनि का प्रतिनिधित्व करता है।

Here Goddess  menstruation is celebrated as festival

यह मंदिर 51 शक्तिपीठ में से एक है, जहाँ माँ सती का योनि अंग गिरा था। यह अकेला मंदिर है, जहां सती की मूर्ति नहीं स्थापित हैयहां पर एक गुफा के अंदर गुप्तांग का आकार बना हुआ है, जिसे पवित्र मानकर पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि आज से शुरू हो गयी है, लेकिन यहां भक्तों की भीड़ काफी पहले से जुटनी शुरू हो गयी है।

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Here Goddess  menstruation is celebrated as festival

त्योहार के रूप में देवी के मासिक धर्म के मनाने के लिए आयोजित किया जाता है। कामाख्या मंदिर में अंबुबाची मेला हर साल जून में मनाया जाता है। हर साल अम्बुबाची मेला के दौरान पास की नदी ब्रह्मपुत्र का पानी तीन दिन के लिए लाल हो जाता है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यह लाल रंग कामाख्या देवी के मासिक धर्म का कारण है। तीन दिन बाद श्रद्धालुओं की मंदिर में  भीड़ उमड़ पड़ती है। सभी देवी के मासिक धर्म से गीले हुए वस्त्र को प्रसाद स्वरूप लेने के लिए पहुंचते हैं।

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