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जानिए जातिवाद पर हरियाणा हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की


DEEP KRISHAN SHUKLA 20/04/2019 14:09:49
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New Delhi. बड़े दुर्भाग्य की बता है कि आजादी के 68 सालों बाद भी देश जातिगत भेदभाव से ग्रस्त है। ऐसा तब हो रहा है जब हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को जाति, धर्म और समाजिक समानता देता है। यह टिप्पणी हरियाणा हाईकोर्ट ने अंर्तजा​तीय विवाह के बाद अपने ही परिवारों से सुरक्षा की मांग को लेकर दाखिल प्रेमी-जोड़े की याचिका पर की। 

Know what the Haryana High Court commented on racism
हरियाणा हाईकोर्ट की जस्टिस राजशेखर अत्री ने प्रेमी जोड़े की याचिका पर उन्हें सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार और संबंधित जिले की पुलिस को आदेश जारी किए है। 

उन्होंने जातिगत असमानता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही हमारी संस्कृति में सभी को पूर्ण स्वतंत्रता और समानता प्राप्त थी। बावजूद इसके एक सदी की गुलामी ने वैमनस्यता का ऐसा बीज बोया जिसकी जड़ों ने समाज को जातियों के बंधन में जकड़ लिया। इसकी पकड़ है कि ढीली होने का नाम ही नहीं ले रही है। नतीजे में समाज में असमानता कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। 

Know what the Haryana High Court commented on racism
जस्टिस अत्री ने लता बनाम यूपी स्टेट केस में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि अंर्तजातीय विवाह ही जातिप्रथा को समाप्त करने में अहम हथियार साबित हो सकती है यह देश हित में आवश्यक भी है। 
बता दें कि इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने जाति प्रथा को देश के लिए अभिशाप बताया था। कोर्ट ने कहा था कि जब देश को एक सूत्र में बांधने की बाते होती है तो जातिप्रथा का रह ही नहीं जानी चाहिए। हाई कोर्ट का टिप्पणी इस चुनावी माहौल में और भी अहम हो जाती है क्योंकि इन दिनों सभी नेता और पार्टियां जातीय गणित के आधार में चुनावी नैया पार करने की कोशिश में जुटे हैं। 

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Web Title: Know what the Haryana High Court commented on racism ( Hindi News From Newstimes)


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