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सीजेआई पर लगे आरोपों की आंतरिक जांच के लिए समिति हुई गठित


DEEP KRISHAN SHUKLA 24/04/2019 13:33:15
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New Delhi. मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के मामले में आतंरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन हो गया है। इस समिति की अध्यक्षता सीजेआई के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीध न्यायमूर्ति एसए बोबडे करेंगे।

Committee constituted for internal investigation on CJI

समिति के गठन की पुष्टि करते हुए स्वयं न्यायमूर्ति बोबडे ने बताया कि उन्होंने शीर्ष न्यायालय के दो न्यायाधीशों न्यायमूर्ति एनवी रमन और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी को समिति में शामिल किया है।

उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति रमन को उनकी वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए समिति में चयनित किया गया है क्योंकि वह वरिष्ठता में उनके बाद हैं। वहीं महिला का मामला होने के कारण इंदिरा बनर्जी को समिति में रखा गया है।

मालूम हो कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई स्वयं पर लगे इस आरोप के बाद कहा था कि न्यायपालिका खतरे में है।

उन्होंने इस आरोप का खंडन करते हुए इसे बेबुनियाद बताया था। उन्होंने यह बात भी कही थी अगले सप्ताह तमाम बड़े मामलों की सुनवाई होनी है लिहाजा सुनियोजित साजिश के तहत इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने अपनी साफगोई में यह भी कहा था कि 20 सालों के सेवा काल के बाद उनके पास मात्र 6,80,000 रुपये ही हैं।

Committee constituted for internal investigation on CJI

कुछ लोग सीजेआई के ऑफिस को निष्क्रिय करना चाहते हैं. लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे इसलिये अब ऐसे आरोप गढ़े गए हैं।

मालूम हो कि सीजेआई पर आरोप लगने वाली महिला सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी है। उसने शपथपत्र के जरिए मुख्य न्यायाधीश पर आरोप लगाए है।

सुप्रीम कोर्ट के 22 न्यायाधीशों के आवास पर इसकी प्रतियां भेजी गयी थी। यह मामला शनिवार उजागर होने के बाद इसकी विशेष सुनवाई हुई थी।

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Web Title: Committee constituted for internal investigation on CJI ( Hindi News From Newstimes)


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