सरकारी स्कूलों के बच्चों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले अध्यापक


LEKHRAM MAURYA 02/05/2019 13:02:23
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 Teachers on waste of the future of children of government schools

LUCKNOW. केन्द्र और राज्य सरकार के अनेकों आदेशों के बावजूद सरकारी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में शिक्षक कभी भी समय से नहीं आते हैं और शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी पूछने वाला नहीं है।  गुरूवार को प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर में एक शिक्षा मित्र और एक अध्यापक मौजूद थे। इस विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक सूर्य प्रकाश अवस्थी ने कहा कि उनके विद्यालय मे तीन साल से बच्चों की संख्या 100 से नीचे ही है। बावजूद इसके मानकों को दर किनार कर तीन रसोइया नियुक्त हैं। जबकि मानक के अनुसार सौ छात्रों से कम संख्या होने पर दो रसोइया होने चाहिए।                                           

तीन साल से नियम विरूद्ध स्कूल में तैनात है रसोइया                                                                                                                            

सूर्य प्रकाश अवस्थी  का कहना है कि वह सत्र के बीच में किसी को नहीं हटा सकते। जबकि उन्होने ही बताया कि पिछले तीन साल से बच्चों की संख्या 80 से अधिक नहीं है। इस तरह प्रधान और अध्यापक मिलकर सरकारी धन का दुरूपयोग कर एक रसोइये को तीन साल से गलत तरीके से स्कूल में रखे हैं। क्या इस दौरान किसी अधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण नहीं किया। अगर ऐसा है तो यह शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी सवालिया निशान है। इसके अलावा यहां मीनू के अनुसार मिड डे मील नहीं बनता है। आज सब्जी रोटी के स्थान पर दाल चावल बना रही थी । 

 Teachers on waste of the future of children of government schools

चार में से तीन अध्यापक नदारद
इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 57 छात्रों के स्थान पर मात्र 19 छात्र उपस्थित थे। यहां चार अध्यापकों के स्थान पर मात्र एक अध्यापिका जेबा अली उपस्थित थीं। एक अध्यापक की ड्यूटी चुनाव में लगी है बाकी दो लोग गायब थी। इनमें से एक अध्यापिका मुमताज बानों नौ बजे विद्यालय पहुॅची। जबकि विद्यालय का समय 7:30 बजे है। तीसरी अध्यापिका फिर भी गायब थीं। 

 Teachers on waste of the future of children of government schools

शिक्षा मित्र के सहारे छोड़कर अध्यापक गायब

इसी तरह प्राथमिक विद्यालय मुसरिहन खेड़ा में 50 छात्र पंजीकृत हैं। यहां अध्यापक और​ शिक्षा मित्र  मिलाकर 4 का स्टाफ है लेकिन दो लोग स्कूल से नदारद थे। यहां शिक्षा मित्र सुषमा देवी ही उपस्थित थीं। प्राथमिक विद्यालय गांगन बरौली में कभी भी अध्यापक समय से नहीं आते हैं। और आज तक किसी भी अधिकारी ने यहां जांच करने की भी जरूरत नहीं समझी। वहीं इस बारे में खण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।  

 

Web Title: Teachers on waste of the future of children of government schools ( Hindi News From Newstimes)


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