50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों के मिलान संबंधी पु​नर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज


DEEP KRISHAN SHUKLA 07/05/2019 11:43:56
66 Views

New Delhi. 21 विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों के मिलान संबंधी पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस याचिका में कोर्ट से मांग की गयी थी कि वह पूर्व में जारी अपने आदेश पर पु​नर्विचार करे। सीजेआई ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि एक मामले को कोर्ट बार बार क्यों सुने? कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया अब वह इस मामले में दखल नहीं देना चाहती है। 

Supreme Court rejects reconsideration petition of 50 percent matching VVPAT slips

मालूम हो कि विपक्षी दलों द्वारा पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर यह मांग की गयी थी कि चुनाव आयोग हर विधान सभा क्षेत्र में 50 प्रतिशत ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों के मिलान करें। 

इससे पहले आयोग में प्रत्येक विधान सभा पर एक ईवीएम और वीवीपैट पर्ची के मिलान की व्यवस्था थी। विपक्षी दलों का तर्क था कि कई जगहों पर मतदान के दौरान ईवीएम खराब होने की सूचनाएं मिली हैं। ऐसे में चुनावी नतीजों की निष्पक्षता के लिहाज से 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान जरूरी हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग से पूछा था कि क्या ऐसा संभव है? जिस पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हमारे पास न तो उतने बड़े हाल उपलब्ध और नहीं उतना समय है कि विपक्षी दलों की मांग पूरी की जा सके। 

Supreme Court rejects reconsideration petition of 50 percent matching VVPAT slips

यदि पचास फीसदी ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का मिलान कराया जाता है तो चुनाव के नतीजे लेट हो जाएंगे। वहीं इसके लिए बड़ी संख्या में मतगणना कर्मियों और बड़े मतगणना हाल की जरूरत पड़ेगी जो कई राज्यों में उपलब्ध नहीं हैं। 

आयोग के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने आयोग को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम और वीवीपैट मिलान की संख्या एक से बढ़ा कर पांच करने के आदेश दिए थे। 

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, एलजेडी अध्यक्ष शरद यादव, आप पार्टी के अरविंद केजरीवाल समें 21 दलों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। 

Supreme Court rejects reconsideration petition of 50 percent matching VVPAT slips

जिसमें विपक्षी दलों प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 50 फीसदी या 125 पोलिंग बूथ पर वीवीपैट पर्चियों की जांच की मांग की थी। उनका कहना था कि 5 ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों की जांच का दायरा मात्र 2 प्रतिशत ही पहुंच रहा है, जबकि मांग 50 प्रतिशत की है।

मंगलवार इसकी सुनवाई के दौरान सीजेआई ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक ही मामले में बार बार सुनवाई नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान चंद्रबाबू नायडू, डी. राजा, संजय सिंह और फारूक अब्दुल्ला समेत कई दलों याचिकाकर्ता मौजूद रहें। 

यह भी पढ़े...योगी के हमशक्ल के बाद बजरंग बली के साथ मंच पर दिखे अखिलेश, मिला आशीर्वाद

Web Title: Supreme Court rejects reconsideration petition of 50 percent matching VVPAT slips ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया