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तलाक को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला 


ASTHA SRIVASTAVA 07/05/2019 18:19:58
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PRAYAGRAJ. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को नवविवाहित के बीच तलाक को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने शादी के बाद एक साल के भीतर टूट रही दंपत्ति पर चिंता जताते हुए तलाक देने की समय सीमा पर बड़ा ऐलान किया है। 

Allahabad High Court

हाईकोर्ट ने कहा की एक साल के भीतर जोड़िया तलाक नहीं ले सकती, यानी सालगिराह से पहले तलाक अवैध माना जाएगा जिसे कानून की तरफ से मान्यता प्राप्त नहीं होगी। हाईकोर्ट ने बताया कि विवाह अधिनियम की धारा 13 बी में यह स्पष्ट निर्देश है कि नवविवाहित शादी के एक साल बाद ही आपसी सहमति से तलाक ले सकते है। 

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बता दे कि यह फैसला न्यायमूर्ति एसके गुप्ता व न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने प्रयागराज के रहनेवाले अर्पित गर्ग और आयुषी जायसवाल की तलाक की अर्जी खारिज करते हुए लिया है। दोनों कि शादी 9 जुलाई 2018 को हुई थी जिसके बाद 12 अक्तूबर 2018 से वह अलग रहने लगे और 20 दिसम्बर से आपसी सहमति से तलाक का मुकदमा दाखिल किया गया। 

Allahabad High Court

अपील करनेवालों का कहना था कि दोनों का एक साथ रहना संभव नहीं है इसलिए दोनों ही तलाक के लिए राज़ी है। जिसके बाद कोर्ट ने सुप्रीमकोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि तलाक के लिए 1 साल की अवधि का बीतना ज़रूरी है। 

 

Web Title: Allahabad High Court's historic decision on divorce ( Hindi News From Newstimes)


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