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उपभोक्ता की जागरूकता ही उसका सबसे बड़ा हथियार


LEKHRAM MAURYA 11/05/2019 23:03:12
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LUCKNOW.  किसी भी वस्तु या सेवा का मूल्य देकर उसका उपयोग करने वाला उपभोक्ता होता है यदि उसके साथ किसी प्रकार का डिजिटल फ्राड या बैंकिग सेवाओं में समस्या उत्पन्न की जाती है, तो उसके लिए वह सेवा प्रदाता बैंक के विरूद्ध उपभोक्ता अदालत में जा सकता है। इसके लिए किसी वकील की आवश्यकता नहीं होती। इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति उपभोक्ता सेवा के मामले में एक पत्र भेजकर अपना वाद दायर कर सकता है। इसके लिए एक निश्चित सीमा के बाद मामूली शुल्क जमा करना पड़ता है। यह विचार शनिवार को उपभोक्ता फोरम के न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ल यूनाइट फाउन्डेशन द्वारा आयोजित बैंकिग सेवाओं में डिजिटल फ्राड और ग्राहक जागरूकता कार्यक्रम में व्य​क्त कर रहे थे।

Consumer awareness is his biggest weapon

उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो उपभोक्ताओं को जागरूक होना चाहिए। ऐसा होने पर उसे किसी फोरम में जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। फिर भी यदि कोई घटना हो जाती है तो कोई भी व्यक्ति उपभोक्ता फोरम की शरण ले सकता है।

श्री शुक्ल ने कहा कि वाद का निस्तारण 90 दिन में करने की बाध्यता है, परन्तु वकीलों के जरिये दाखिल किए गए वादों में हमेशा देरी होती है, क्योंकि वकील हमेशा केस को फर्जी बहाने बनाकर लटकाने में ही गर्व महसूस करता है, जबकि कोई भी अधिकारी जानबूझ कर केश लटकाना नहीं चाहते। उपभोक्ता फोरम के न्यायिक अधिकारियों को भी ​हमेशा उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर काम करना होता है। अभी फोरम के अधिकारियों के पास किसी भी घटना का स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है। 

श्री शुक्ल ने कहा कि एटीएम से नकली या कम रकम निकलने पर वहां तैनात गार्ड से बताएं। इसके अलावा यदि गार्ड नहीं है तो गलत नोट ​निकलने पर सीसीटीवी कैमरे के सामने रिकार्ड कर दें। किसी भी प्रकार का लेनदेन करने से पहले उस दस्तावेज की एक प्रति लेकर रख लें। उपभोक्ताओं की जागरूकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। श्री शुक्ल ने पी के पात्रा और आर एस डी द्विवेदी सहित कई लोगों के सवालों के जवाब भी दिये। 

Web Title: Consumer awareness is his biggest weapon ( Hindi News From Newstimes)


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