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अधिकारी मस्त, गोशालाओं में जानवर पस्त


LEKHRAM MAURYA 14/05/2019 13:10:59
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LUCKNOW.  गावों में बनाए गये पशु आश्रय स्थलों का हाल कितना बुरा है यह अब किसी से छिपा नहीं है। इनमें मरने वाले गोवंश के लिए कौन जिम्मेदार है, यह कोई भी अधिकारी बताने को तैयार नहीं।

 Officers mast, animals battered in goshals

भूख, प्यास, तेज धूप से मर रहे आवारा गोवंश के लिए जिम्मेदारी लेने के बजाय जनता को गुमराह कर रहे हैं विकास खण्ड माल में करीब डेढ़ दर्जन गावों में गोशालाओं का निर्माण कराया गया था। जिनमें से ग्राम पंचायत मड़वाना की गोशाला सबसे पहले बनाई गयी थी। जहां करीब 6 सौ जानवरों के बंद किये जाने की जानकारी पशुपालन विभाग और प्रशासन को दी गयी। इसके बाद ग्राम पंचायत ससपन में भी 450 जानवरों को बंद ​कर दिया गया। यहां छाया की कोई व्यवस्था नहीं थी और दो महीने बाद छाया की व्यवस्था की भी नहीं गयी है। 

 Officers mast, animals battered in goshalsमौत का घाट बनकर रह गये पशु आश्रय केन्द्र

यहां अगर भूख, प्यास और गर्मी की वजह से अब तक डेढ़ सौ जानवर मर चुके हैं तो वहीं पारा भदराही में भी अब तक इतने ही जानवर मर चुके हैं। यहां रहने वाले संतोष ने बताया कि 350 जानवर बंद किये गये थे, जिसमें से करीब 50 जानवर निकल गये और 100 से अधिक मर चुके हैं। इसी के पास एक बबूल का जंगल है। मरने वाले सभी जानवरों को उसी में फेंक दिया जाता है, जो सड़ गल कर आस पास बीमारी फैला रहे हैं।

सोमवार को गोशाला में 4 जानवर मरे हुए पड़े थे। कोई उठाने नहीं आया था। मड़वाना में भी अब तक सैकड़ों जानवर मर चुके हैं। अब तो यह हाल हो गया है कि कोई भी अधिकारी वास्तविक आंकड़ा देने को तैयार नहीं है। 

 Officers mast, animals battered in goshals

 Officers mast, animals battered in goshalsएक दूसरे को जिम्मेदार बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे अधिकारी

इस संबन्ध में विकास अधिकारी माल का कहना है कि उनको गोशालाओं के विषय में कोई जानकारी नहीं है। यह जिम्मेदारी पशु चिकित्सा अधिकारियों को दी गयी थी।

वहीं इसका रजिस्टर बना रहे हैं। जब पशु चिकित्साधिकारी सुरेश चन्द से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मार्च तक 3 हजार के करीब जानवर पंजीकृत किये गये ​थे, लेकिन अब कितने बचे हैं यह डाटा उनके पास कम्पलीट नहीं है। चुनाव में यह कार्य बंद था। उन्होंने कहा कि उनका काम इलाज करना है। खाने पीने और छाया ​की व्यवस्था करना विकास खण्ड तथा ग्राम पंचायतों का है। 

Web Title: Officers mast, animals battered in goshals ( Hindi News From Newstimes)


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