बड़ी खबर: 29 साल के बाद असम से हटेगा विवादास्पद अफ्सपा कानून


DEEP KRISHAN SHUKLA 17/05/2019 09:43:43
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New Delhi. असम राज्य से सेना को वापसी की तैयारी करने के निर्देश जारी हो गए है। जिसकी वजह यह है कि इस राज्य से अस्फपा (आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पॉवर ऐक्ट) को हटाने का फैसला केंद्र सरकार से मिली चयन की छूट के बाद राज्य सरकार ने लिया है। अगस्त माह में असम राज्य से 29 सालों के लम्बे समय बाद यह विवादास्पद कानून हटाया जा रहा है। 
मामलू हो कि उल्फा उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित असम में 27 नवम्बर 1990 को अस्फपा कानून लागू किया गया था।चरम पर रहे उग्रवाद के कारण पूरे राज्य को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था।

Big news, controversial AFSPA law will go away from Assam after 29 years

कानून लागू होने के कुछ सालों में राज्य के कई सारे जिलों में स्थिति सुधरने के साथ साथ धीरे-धीरे कर सेना को हटा दिया गया। सेना की जगह पर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गयी।  
बीते वर्ष सितंबर माह में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार पर यह जिम्मेदारी सौंप दी थी कि अगर राज्य चाहे तो अफ्सपा को आगे बढ़ा सकती है या फिर चाहे तो हटा सकती है। 

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इसके बाद भी राज्य सरकार को नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजन्स की प्रक्रिया के चलते इस कानून के लागू रहने की अवधि दो बार बढ़ानी पढ़ी। 
गौतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रही एनआरसी प्रक्रिया की मियाद 30 जुलाई को पूरी हो रही है। इसके बाद यह कानून राज्य से हट जाएगा। इसके लिए सेना को राज्य से वापसी की तैयारी करने के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। 
  जानिए कब अस्तित्व में आया 'अफ्सपा' कानून 
भारतीय संसद से वर्ष 1958 में पारित हुए इस कानून को आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट कहा जाता है। 11 सितंबर 1958 से अस्तित्व में आए इस कानून पूर्वोत्तर और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में लागू किया गया। ऐसा इस लिए किया गया क्योंकि इन क्षेत्रों की सीमाएं पाकिस्तान, चीन, म्यांमार और बांग्लादेश से सटी होने के कारण वहां अशांति व्याप्त थी।

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  क्यों लागू किया जाता है यह कानून
अफ्सपा कानून उन क्षेत्रों में लगाया जाता है जिन्हें विभिन्न समुदायों, नस्लों, भाषाई या क्षेत्रीय गुटों या जातियों एवं समुदायों के बीच मतभेद या विवाद अनवरत जारी रहते हैं। ऐसे हालातों में पहले उस क्षेत्र विशेष को पहले तो अशांत घोषित किया जाता है। इस कानून के सेक्शन 3 यह प्रावधान किया गया है कि किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का राज्यपाल भारत के राजपत्र में इस कानून के लागू करने की अधिकारिक सूचना जारी करेगा। बाद में केंद्र सरकार संबंधित क्षेत्र में असैन्य प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सशस़् बलों को तैनात करती है। 

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  इस कानून में सेना के पास होते ये विशेषाधिकार
इस कानून के तहत सैन्य बलों को विशेष अधिकार प्रदत्त किए जाते हैं। जिसके तहत किसी क्षेत्र में बिना वारंट के तलाशी लेने का अधिकार उनके पास होता है। अशांति फैलाने वालों को गोली मारने से लेकर शारीरिक बल प्रयोग करने का भी अधिकार सेना के पास रहता है। इसके अलावा सेना की किसी कार्रवाई के खिलाफ न तो कोई मुकदमा चलाया जा सकता है और नही कोई कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 

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Web Title: Big news: Controversial AFSPA act will go away from Assam after 29 years ( Hindi News From Newstimes)


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