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अब विद्या भारती की शिक्षा भी सोशल मीडिया के ​जरिए जन-जन तक पहुंचेगी


LEKHRAM MAURYA 25/05/2019 18:03:55
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 Now Vidya Bharati

LUCKNOW. आज तकनीकी विधाएं हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गई हैं। मोबाइल, सोशल मीडिया, इंटरनेट के बगैर जीवन अधूरा लगता है। ऐसे में भारतीय परिवेश में रची-बसी शिक्षा व्यवस्था को संचालित करने वाले अखिल भारतीय शैक्षिक संस्थान विद्या भारती ने भी डिजिटल दुनिया से खुद को जोड़ लिया है। अभी तक विद्या भारती के स्कूलों में कम्प्यूटर की शिक्षा दी जाती थी, लेकिन इंटरनेट का प्रयोग नहीं किया जाता था। हालांकि अब विद्या भारती वेब पोर्टल और ऐप के माध्यम से सभी विद्यालयों के छात्र और अध्यापक जुड़ जाएंगे। जिससे सभी को एक दूसरे की जानकारी आसानी से मिलने लगेगी। जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ खेल, योग आदि की जानकारी भी होगी। 

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68 साल में देश के कोने-कोने तक पहुंची विद्या भारती की शिक्षा

विद्या भारती पूर्वी उ0प्र0 के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू ने विद्या भारती भवन निराला नगर में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वह पूर्व उ0प्र0 के 1200 विद्यालयों को आनलाइन जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्या भारती की शुरूआत 1952 में गोरखपुर से हुई, जहां पहला विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से खोला गया।

उसके बाद 1958 में सरस्वती शिशु प्रबन्ध समिति का गठन किया गया। इसके संचालन के लम्बे समय बाद 1977 में विद्या भारती का गठन हुआ। इसका विस्तार देश के विभिन्न क्षेत्र जिनमें वनवासी, पहाड़ी, समुद्र तटीय,दूरस्थ क्षेत्र, भारत-नेपाल सीमा, पाकिस्तान सीमा के क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, शहरी क्षेत्रों के अलावा जहां विद्यालय नहीं खोले जा सकते ​थे। ऐसी जगहों पर एकल विद्यालय खोले गए। 

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विद्या भारती का परीक्षाफल सबसे अच्छा

क्षेत्रीय मंत्री जय प्रकाश ने कहा कि इस समय पूरे देश में वि​भिन्न नामों से 13064 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें कुल करीब 35 लाख छात्र और डेढ़ लाख शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ​विद्यालयों का परीक्षाफल सीबीएसई, यूपी बोर्ड के विद्यालयों से काफी अच्छा है। विद्या भारती के विद्यालयों की 2019 के बोर्ड परीक्षाफल की जानकारी देते हुए बताया कि यूपी बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा में सिर्फ पूर्वी उ0प्र0 क्षेत्र के 49 जनपदों के 22459 छात्र सम्मिलित हुए थे, जिनमें से 22080 अर्थात 98.31 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। इनमें भी 10810 छात्रों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक ,9267 छात्रों ने 75 फीसदी से अधिक अंक जबकि 130 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। 

इसी तरह सीबीएसई बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा में 95.90 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों का प्रतिशत 79.36 रहा, जबकि 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों का प्रतिशत 44.58 रहा। इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड की परीक्षा में 95.60 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। इनमें सिर्फ 5 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंग प्राप्त किए।

इस तरह विद्या भारती के विद्यालयों का परीक्षाफल सबसे बेहतर साबित हुआ। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में पठन-पाठन की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ उच्चस्तरीय कंप्यूटर व साइंस लैब भी मौजूद हैं। जहां योग्य आचार्यों द्वारा छात्रों को सही व सटीक मार्ग दर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 100 विद्यालय हैं। जिनमें उच्चशिक्षा के साथ बीटीसी, बीएड  आदि का प्र​शिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा भी मौजूद थे।

Web Title: Now Vidya Bharati's education will reach the people through social media ( Hindi News From Newstimes)


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