पानी की किल्लत से परेशान कंपनियां, कहा-घर से करें काम


NAZO ALI SHEIKH 13/06/2019 16:15:30
57 Views

New Delhi. देश भर में भीषण गर्मी का कहर लगातार जारी है। हालांकि, मानसून ने करवट लेनी शुरू कर दी है। लेकिन जब तक बारिश का मौषम अपना रंग नहीं दिखाता गर्मी अपना कहर ढहाता ही रहेगा। कई जगहों पर पानी की इतनी किल्लत हो चुकी है कि लोगों को दूर दराज से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं, चेन्नई स्थित ओल्ड महाबलिपुरम रोड (ओएमआर) पर स्थित आईटी कंपनियों ने पानी की किल्लत को देखते हुए कहा कि कार्यालय में पानी नहीं है, कर्मचारी अपने अपने घर से काम करें। 

13-06-2019162547Disturbedcomp2

बताया जा रहा कि यहां शहर में करीब 2 सौ दिनों से बारिश नहीं हुई हैं। यही नहीं आने वाले तीन महीनों तक पानी की किल्लत से उबरने का कोई जरिया भी दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रहा। इसलिए आईटी कंपनियों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वह अपनी सुविधा के अनुरूप कहीं से भी काम कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से यह बता है कि 12 कंपनियों में करीब 5,000 टेक कर्मचारियों को यह कह दिया गया कि वह घर से अपना काम पूरा करें। वहीं, एक और सूत्र का ये कहना है कि 'चार साल पहले जब निजी टैंकर वालों ने हड़ताल कर दी थी। उस दौरान अंतिम बार कर्मचारियों के लिए घर से काम करने का फरमान सुनाया गया था। ओएमआर में तकरीबन 600 आईटी कंपनियां और आईटीईएस कंपनियां हैं।

बताते चलें कि कंपनियां पानी के बचत को लेकर काफी कोशिशें कर रही हैं। यहां तक कि बोर्ड बिजनेस स्कूल प्रबंधन ने भी कर्मचारियों से कह दिया है कि वह घर से पानी अपने साथ लेकर आएं। एक तकनीकी आधारित जल प्रबंधन स्टार्टअप ग्रीनएनवायरमेंट के संस्थापक और सीईओ वरुण श्रीधरन ने पानी के बचत को लेकर यह कहा है कि 'कंपनियां जरूरत के अनुरूप लगभग 55% पानी उपयोग करने के साथ ही हर समय निगरानी की जा रही है। खबरों के मुताबिक कुछ कंपनी के मैनेजरों का यह भी कहना है कि यह निश्चित रूप से कह पाना मुश्किल है कि कंपनियां कब तक काम कर पाएंगी। 

बता दें कि ओएमआर को भीषण गर्मी से जूझने के दौर में डेली तकरीबन तीन करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इसमें अधिक हिस्से के पानी की व्यवस्था बाहर से ही की जाती है। हालांकि, ओएमआर के आईटी प्रतिनिधियों ने मेट्रोवाटर से संपर्क किया कि उनकी सहायता करें। लेकिन अधिकारियों ने जो वादा किया था, उसे भी निभा नहीं पाए। बताया जा रहा कि पानी की किल्लत ने सिप्कॉट आईटी पार्क को सबसे अधिक प्रभावित कर दिया है। यहां पर जो 46 कंपनियां है,उनको रोजाना दो मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। यह पानी पार्क में स्थित 17 कुओं से निकालकर लाया जाता है।

सिप्कॉट के एक अधिकारी का कहना है कि अभी तो एक मिलियन लीटर पानी ही कुओं की सहायता से आ रहे हैं। कर्मचारियों को पानी की सुविधाएं। टैंकर की मदद से उपलब्ध कराई जा रही है। पानी के बचत को लेकर कुछ आईटी कंपनियों ने जल संरक्षण के लिए पोस्टर लगाकर जागरूक करने का प्रयास किया है।

Web Title: Disturbed companies with water shortage, said-work from home ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया