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आय दोगुनी करके भी कोई किसान अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर सकता


LEKHRAM MAURYA 14/06/2019 15:51:14
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LUCKNOW. उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है। मेरी सोच है कि कोई भी किसान कृषि से आय दोगुनी करके अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं कर सकता। गांव में जिसके पास 2,3,4 एकड़ जमीन है, वह गांव का सबसे बड़ा किसान माना जाएगा, क्योंकि गांव में जोत कम हो रही है। ऐसे किसान न बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सकते हैं और न घर बना सकते हैं। 

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उ.प्र. कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित 30वें स्थापना दिवस पर एक दिवसीय सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कृषि राज्य मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि के सा​थ पशु पालन से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं, क्योंकि गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी पालन से दूध, गोबर की खाद की समस्या हल होगी तो बकरी, मुर्गी को बेंच कर पैसा कमा सकते हैं। उन्होने कहा कि बुन्देलखण्ड में अभी भी 3-4 ली.दूध देने वाले जानवर नहीं मिलेगे। उनकी नस्ले बदलने की आवश्यकता है। 

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शहरों में किसान मेले लगाने से किसानों को कोई लाभ नहीं

उन्होंने कहा कि जैविक विधिक से तैयार किए गए आलू सड़ते नहीं हैं। वहीं, गेहूं में घुन नहीं लगता है। कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि किसान मेले गांव में लगवाए जाने चाहिए, लेकिन लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद में लगवाए जाते हैं। कानपुर में फैक्ट्री हैं, वहां किसान की जगह उद्योगपति होते हैं। मेले गांव में दूर दराज में लगवाइये, जहां​ किसान को लाभ मिल सके। शहर के मेलों में किसान बसों में भरकर लाए जाते हैं। इनमें किसान केवल प्रदर्शन की चीजें देखता रह जाता है। वह खरीद नहीं पाता और सब्सिडी वापस चली जाती है।

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गांव में मेले लगने का मतलब उनकी जरूरत के उपकरण वहीं सब्सिडी पर दिए जाने चाहिए। सब्सिडी लेने की शर्तें इतनी कठिन हैं कि सामान्य किसान के लिए मिलना मुश्किल है। 

उन्होंने कहा कि जब से गायों के लिए समस्या उत्पन्न हुई है, तब से किसानों का भैसों से लगाव बढ़ गया है। उन्होंने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि किसानों को फर्टीलाइजर और कीटनाशक का प्रयोग छोड़कर जैविक खेती की ओर आना चाहिए, जिससे हमारा जीवन स्वस्थ और निरोगी रहे। क्योंकि जिस तरह आजकल किसान फल और सब्जियों में रासायनिक खादों और कीटनाशकों का प्रयोग कर रहा है उससे तो ऐसा लगता है कि दिन प्रतिदिन हम अपनी जिंदगी को बीमार बना रहे हैं। 

सेमिनार को डा. के.वी.प्रभू, डा. बिजेन्द्र सिंह डीजी,यूपीसीएआर लखनऊ, डा. ए.डी. पाठक, डा. पंजाब​ सिंह डीजी, आईसीएआर नई दिल्ली ने सम्बोधित किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कै. विकास गुप्ता अध्यक्ष उपकार, तकनीकी सत्र की अध्यक्षता पंजाब सिंह ने की। अन्त में उपकार के सचिव ज्ञान सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इनके अलावा अनेक वैज्ञानिक और किसान भी उपस्थित थे। 

Web Title: Even a farmer can not feed his family by doubling the income ( Hindi News From Newstimes)


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