चमकी बुखार से मरने वालों की संख्या पहुंची 84, केंद्रीय मंत्री पहुंचे मुजफ्फरनगर


DEEP KRISHAN SHUKLA 16/06/2019 14:05:36
33 Views

Lucknow. बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से बच्चों की होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बुखार की चपेट में आकर असमय काल ग्रास बन चुके बच्चों की संख्या 84 पहुंच गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन जिस समय मरीजों का हाल चाल लेने अस्पताल पहुंचे थे, उसी समय 4 बच्चों ने दम तोड़ दिया। अक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी धीरे-धीरे महामारी का रूप ले चुका है। इस बीमारी से ग्रसित मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।  

16-06-2019140912Numberofpeop2

मुजफ्फरपुर पहुंचे डॉ. हर्षवर्धन ने श्रीकृष्णा मेडिकल कालेज और अस्पताल का दौरा कर वहां भर्ती मरीजों का हालचाल लिया और डाक्टरों से बात की। बता दें कि इस घातक बीमारी से हो रही लगातार मौतों के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम मुजफ्फरपुर में है। जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इलाके में चिलचिलाती गर्मी, नमी और बारिश के न होने के चलते लोग शरीर में अचानक शुगर की कमी (हाइपोग्लाइसीमिया) से मौत के मुंह में समा रहे हैं।

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स चमकी से हो रही मौतों के पीछे लीची को वजह बता रही है। बताया जा रहा है कि इस रोग से प्रभावित इलाके के इर्द गिर्द पाई जाने वाली लीची में कुल जहरीले तत्व हैं जो लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। 

16-06-2019140938Numberofpeop3

इस बुखार से ग्रसित मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डाक्टर रात को नहीं रुकते हैं। नर्सों के सहारे इलाज किया जा रहा है। लोग लगातार हो रही बच्चों की मौतों के बावजूद अस्पताल में सुविधाओं के अभाव की बात कह रहे हैं। 

बिहार सरकार के मंत्री सुरेश शर्मा ने चमकी से हो रही मौतों के बारे में कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी को लेकर शुरूआत से ही गंभीर है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अचानक से इतनी तादाद में मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड और आईसीयू की कमी जरूर पड़ गयी है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इन मौत पर दुख जताते हुए लोगों को घरों से न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हीटस्ट्रोक से लोगों की मौत हो रही है। प्रचंड गर्मी से दिमाग पर असर पड़ता है और फिर इससे कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। 

16-06-2019140850Numberofpeop1

नीतीश के न जाने पर उठ रहे सवाल 

बिहार के मुजफ्फरपुर में लगातार हो रही मौतों से जहां त्राहि-त्राहि मची है वहीं दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अब तक मुजफ्फरपुर न पहुंचने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह बात अलग है कि वह इस समस्या को लेकर गंभीर हैं और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस पर नजर बनाए रखने को कहा था। 

स्वास्थ्य मंत्री का बेतुका बयान 

बीमारी से हो रही मौतों के बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का विवादित बयान सुर्खियों में हैं। बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत के लिए न प्रशासन जिम्मेदार है और न ही सरकार। सरकार ने इलाज के पूरे इंतजाम किए थे। मौसम भी इसके लिए जिम्मेदार है। 

चमकी के लक्षणों पर एक नजर

एईएस यानी कि अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से ग्रसित रोगी का तं​त्रिका तंत्र प्रभावित हो जाता है। इस बीमारी से ग्रसित रोगी में तेज बुखार, शरीर में ऐंठन, तंत्रिका संबंधी कामों में रुकावट, मानसिक भटकाव, बेहोशी, दौरे पड़ना, घबराहट महसूस होना जैसे लक्षण प्रमुख हैं। कुछ मामलों में तो मरीज कोमा में चला जाता है। समय से उपचार न मिलने पर मरीज की मौत भी हो सकती है। इस बीमारी का प्रभाव जून से अक्टूबर माह के बीच देखने को मिलता है। 

यह भी पढ़ें...राम मंदिर का जल्द से जल्द निर्माण है अयोध्या आने का मकसद: उद्धव ठाकरे

Web Title: Number of people killed in Chamki fever reached 84, Union minister reached Muzaffarnagar ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)


कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया