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हाफुस की तुलना में दशहरी की मार्केट विकसित करने की आवश्यकता : राज्यपाल


LEKHRAM MAURYA 23/06/2019 06:39:01
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LUCKNOW. हाफुस (अल्फांसों) ने दुनिया की मार्केट पर कब्जा कर रखा है। उसका उत्पादन महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में ही होता है, जबकि दशहरी का उत्पादन उत्तर प्रदेश के बहुत बड़े हिस्से में होता है। दशहरी को दुनिया में मार्केट बनाने की आवश्यकता है। जिस प्रकार उत्तर प्रदेश दुनिया के तीन देशों को छोड़कर सबसे बड़ा प्रदेश है। अमेरिका, चीन, यूरोप ही उत्तर प्रदेश से बड़े देश हैं। दशहरी से विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लिए इसके निर्यात की सुविधाएं बढ़ाकर दुनिया में इसका बाजार विकसित करने की आवश्यकता है।

यह विचार रविवार को आम महोत्सव 2019 के समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार वितरण के उपरान्त प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आम की प्रदर्शनी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लोग इसे तीन तरह से देखते हैं, पहला आंखों की नजरों से दूसरा उसकी सुगन्ध से तीसरा उसके स्वाद से। इसीलिए इसे फलों का राजा आम कहा जाता है। 

राज्यपाल ने कहा कि पुरस्कार पाने वाले किसानों, महिलाओं, बच्चों को साथ में देखकर उनका स्वागत अभिनन्दन है। आम के क्षेत्र में अभी बहुत काम करने की आवश्यकता है, क्योंकि अभी उत्तर प्रदेश के आम का स्थान दूसरे प्रदेशों के आम से बहुत पीछे है। उन्होंने कहा कि एक कमेटी बनाई गयी है जिसके वे प्रमुख हैं। वे कामर्स के छात्र होने के नाते यह जानते हैं कि बाजार में कैसे अपने माल की साख बनाई जा सकती है। इसलिए वे इसकी रिपोर्ट दे चुके हैं। 

इसके अलावा उन्होंने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वह वास्तव में अपने व्यस्त समय में यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं प्रदर्शनी को देख रहा था तो रंग-बिरंगे आमों को देखकर ऐसा लग रहा था कि हर आम कह रहा है कि हमें राजभवन ले जाएंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा कि आज उनकी पत्नी ने कहा कि अब कहां जा रहे हैं, मैने कहा कि आम महोत्सव में जा रहा हूॅ। तो उसने कहा कि आज कौन से आम लेकर आएंगे। 

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इससे पूर्व महोत्सव को उद्यान एवं वन मंत्री दारासिंह चौहान, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने 25 विभूतियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिनमें से मोहम्मद इकबाल अहमद मेसर्स अवध नर्सरी मुजासा मलिहाबाद को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श दशहरी प्रजाति के पदर्शन को नगद पुरूस्कार 11 हजार रू0 का दिया  गया।

इनके अलावा 14 किसानों को विभिन्न प्रजातियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा 4 अधिकारियों को प्रशंसा पत्र और 6 विभिन्न संस्थाओं को जिन्होने अपने उत्पाद प्रदर्शित किये थे उन्हे भी पुरूस्कृत किया गया।  

Web Title: Need to develop a market for Dusheer compared to Hafus-Governor ( Hindi News From Newstimes)


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