राज्य सरकार गंगा की निर्मलता और अविरलता के प्रति कटिबद्ध : मुख्यमंत्री


GAURAV SHUKLA 26/06/2019 10:33:07
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Lucknow.  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार गंगा की निर्मलता और अविरलता के प्रति कटिबद्ध है। यह सुनिश्चित किया जाए कि गंगा जी में किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं पहुंचनी चाहिए। गंगा जी की साफ-सफाई को बनाए रखने के लिए शहरों से निकलने वाले दूषित जल, नालों इत्यादि के उचित प्रबन्धन के लिए प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, आई0आई0टी0, बी0एच0यू0 इत्यादि में मौजूद विषय-विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएं। उनसे विचार-विमर्श किया जाए कि गंगा जी को निर्मल बनाए रखने के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए। 
मुख्यमंत्री ने यह विचार गंगा नदी पर प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन के सम्बन्ध में आज यहां लोक भवन में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाते हुए इसकी जलगुणता में सुधार हेतु कार्यवाही तथा नगर विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा प्रस्तुतिकरण के अवलोकन के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने ‘नमामि गंगे’ तथा पी0एम0ओ0 से प्रस्तावित सेमिनार के लिए समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए। प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज अथवा वाराणसी में आयोजित हो सकता है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा जी में गन्दे नालों इत्यादि से पहुंचने वाले जल और अन्य अपशिष्ट को रोकने के सम्बन्ध में एक कार्य योजना बनायी जाए और इसके लिए टेक्नोलॉजी का भी प्रयोग किया जाए। समाज के ऐसे लोग जो पर्यावरण संतुलन, प्रदूषण की रोकथाम, नदियों की साफ-सफाई, पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं, उन्हें गंगा जी तथा अन्य नदियों की सफाई के कार्य से जोड़ा जाए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न पर्वों और त्योहारों पर नदियों को स्वच्छ बनाए रखने के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान चलाए जाएं और नदियों में मूर्ति विसर्जन इत्यादि को रोकने के लिए प्रेरित किया जाए। लोगों को मूर्ति विसर्जन तथा कूड़ा-करकट फेंकने से नदियों में फैल रहे प्रदूषण के विषय में जागरूक किया जाए। इस कार्य में जिला गंगा समितियों की मदद ली जाए। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से लोगों को नदियों के प्रदूषण को रोकने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों में शवों को प्रवाहित नहीं किया जाए तथा जानवरों के शवों को न फेंका जाए। इससे जल अत्यधिक प्रदूषित होता है। उन्होंने इस सम्बन्ध में भी लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। उन्होंने नदियों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक बनाने में जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लेने के लिए कहा। उन्होंने गंगा जी के किनारे स्थित 25 जनपदों में गठित की गई गंगा समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए और जन प्रतिनिधियों की सूची बनाकर उनके सहयोग से लोगों को नदियों की निर्मलता तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने गंगा जी के किनारे स्थित सभी गांवों और नगरों में भी गंगा समितियां गठित करने के निर्देश दिए। इन समितियों के माध्यम से लोगों को प्रदूषण नियंत्रण और नदियों की निर्मलता के विषय में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा जी के किनारे स्थित सभी 1527 गांवों में यह अभियान चलाया जाए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गंगा जी के प्रवेश से लेकर प्रदेश के बाहर निकलने की दूरी पर गंगा जी के किनारे स्थित शहरों जैसे-गढ़मुक्तेश्वर, कन्नौज, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बलिया में वर्ष 2014 के पहले गंगा नदी के प्रदूषण की क्या स्थिति थी और ‘नमामि गंगे’ परियोजना लागू होने के बाद क्या स्थिति थी और वर्तमान में इसकी क्या स्थिति है, इसका एक प्रस्तुतिकरण तैयार किया जाए। उन्होंने इस पर एक डॉक्यूमेन्ट्री बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंगा जी की सफाई तथा इसकी सहायक नदियों की निर्मलता एवं सफाई के सम्बन्ध में नगर विकास, ग्राम्य विकास तथा सिंचाई विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें। 
मुख्यमंत्री ने गोमती नदी की सफाई के लिए नगर विकास और सिंचाई विभाग को सम्मिलित रूप से ठोस कार्य योजना बनाकर समयबद्धता के साथ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानपुर के टेनरी ऑपरेटर्स गंगा जी की निर्मलता और स्वच्छता तथा पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण के सम्बन्ध में अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करें ताकि गंगा जी निर्मल रहे और नगर का वातावरण स्वच्छ रहे। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने नदियों के चैनलाइजेशन पर भी बल दिया। इसके लिए नदियों की ड्रेजिंग करने के निर्देश दिए। 
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने गंगा जी की जलगुणता सुधार हेतु की गई कार्यवाही, इसकी सहायक नदियों की जलगुणता एवं प्रदूषण स्रोतों हेतु अनुश्रवण तंत्र, प्रदूषण स्रोतों के विरुद्ध कृत कार्यवाही, ड्रेन्स में प्रदूषण की स्थिति, गंगा जी के तटीय जिलों में जैव विविधता उद्यान (बायो डायवर्सिटी पार्क की स्थापना) इत्यादि के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। नगर विकास विभाग विभाग द्वारा गंगा जी तथा अन्य नदियों को स्वच्छ बनाए रखने के विषय में की जा रही कार्यवाही के विषय में विस्तार से अवगत कराया गया। विभिन्न सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति के विषय में भी अवगत कराया गया। 
मुख्यमंत्री ने जल निगम द्वारा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में की जा रही देरी पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्थिति में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाराणसी में यदि जल निगम की परियोजनाएं 30 जून, 2019 तक पूरी नहीं हुईं तो सम्बन्धित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरों में सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए सीवर कनेक्शन देने में तेजी लायी जाए।

Web Title: rajya sarkar ganga ki aviralta ke liye pratibadh ( Hindi News From Newstimes)


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