योगी आदित्यनाथ का बड़ा दांव, 17 अति पिछड़ी जातियां अनुसूचित श्रेणी में होंगी शामिल


DEEP KRISHAN SHUKLA 29/06/2019 10:36:59
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Lucknow. सूबे की योगी सरकार ने बड़ा दांव खेल कर सभी विपक्षी दलों को दंग कर दिया है। सीएम योगी ने सूबें में 17 अति​ पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करने का आदेश जारी किया है। यह फैसला राज्य सरकार ने अदालत के फैसले के आलोग में लिया है। सभी जिलाधिकारियों को इन 17 जातियों के परिवारों को प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश जारी ​कर दिए है। मालूम हो कि सूबे में रिक्त हुई विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम योगी का यह फैसला उनके लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। 

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बता दें कि सूबे में अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की कोशिशें सपा और बसपा भी कर चुकी है। 
17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की श्रेणी में लाने के मामले में वर्ष 2016 के दिसम्बर माह में पिछड़े वर्ग की सूची में सम्मिलित 17 जातियों कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, माझी और मछुआ को अनुसूचित जाति में शामिल करने से संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया था। 
लेकिन डॉ. बीआर अंबेडकर ग्रंथालय एवं जनकल्याण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस शासनादेश के खिलाफ याचिका दायर कर दी थी। कोर्ट ने इस याचिका के बाद अग्रिम आदेश तक स्टे दिया था। 
हाई कोर्ट ने एक मामले में 29 मार्च, 2017 को आदेश जारी करते हुए कहा था कि इस शासनादेश के तहत जारी किया गया कोई भी जाति प्रमाण पत्र न्यायालय के अंतिम फैसले के अधीन होगा। 
जिस पर तत्कालीन प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह ने शासनादेश जारी न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए आवश्य कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए थ। 

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सूबे में सपा और बसपा के शासनकाल में भी इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की कवायद तो हुई थी लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। 
ऐसे में यह बात तो तय है कि योगी सरकार के इस फैसले का भविष्य कोर्ट द्वारा दिए जाने वाले अंतिम आदेश पर निर्भर होगा। 
फिलहाल योगी आदित्य नाथ के इस फैसले से विपक्षी दलों में खलबली मच गयी है। क्योकि यह आदेश ऐसे समय पर जारी किया गया है जब जल्द ही राज्य में तकरीबन 1 दर्जन विधाससभा क्षेत्रों में चुनाव होने हैं। 
बता दें हाल ही में संपन्न हुए लोक सभा चुनाव में कई प्रदेश के कई विधायकों और मंत्रियों को चुनावी मैदान में उतारा गया था। जिन्होंने जीत भी हासिल की है इसके बाद से संबंधित विधानसभा सीट रिक्त चल रही हैं। ऐसे में इसे राजनैतिक हित साधने के दृष्टिकोण से सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा दांव भी बताया जा रहा है। 

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Web Title: Yogi Adityanath big stake, 17 OBC will be in scheduled category ( Hindi News From Newstimes)


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