जानिए क्या कहता है हाईकोर्ट के जस्टिस का पीएम मोदी को पत्र  


DEEP KRISHAN SHUKLA 03/07/2019 10:46:40
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New Delhi. परिवारवाद और वंशवाद को लेकर सिर्फ राजनीति में ही घमासान नहीं मचा है बल्कि अब यह मुद्दा न्यायपालिका में भी तूल पकड़ने लगा है। ऐसा ही एम मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस द्वारा पीएम मोदी को लिखे गए पत्र के बाद सुर्खियों में आया। जिसमें देश की सर्वोच्च अदालत समेत हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति में वंशवाद और जातिवाद के आरोप लगाए गए हैं। जिसमें देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण इस स्तंभ में व्याप्त जातिवाद और वंशवाद की दुहाई दी गयी है। 

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रंगनाथ पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। 
उन्होंने कहा है कि न्यायपालिका देश तीन स्तंभों में सबसे महत्वपूर्ण हैं बावजूद इसके यह वंशवाद और जातिवाद से ग्रसित है। 
उन्‍होंने अपने पत्र में कहा कि न्यायाधीशों के परिवार का सदस्य होना ही अगला न्यायाधीश होने मापदंड बन गया है। 

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विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अलग अलग कसौटी होती है लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में ऐसे कोई कसौटी नहीं है। 
यहां सिर्फ परिवारवाद और भाई भतीजावाद ही चयन की कसौटी बन कर रह गया है। अपने पत्र जस्टिस पांडेय लोकसभा चुनाव 2019 में मिले पूर्ण बहुमत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई भी दी। 
इसके साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी को राजनीति से वंशवाद को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम करने वाला भी बताया है। 

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Web Title: Know what does the High Court's Justice letter say to PM Modi ( Hindi News From Newstimes)


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